Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 21 August 2025: आज भाद्रपद शिवरात्रि, गुरु पुष्य योग, विष्णु पूजा, देखें मुहूर्त, भद्रा समय, दिशाशूल
Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 21 August 2025: आज भाद्रपद शिवरात्रि, गुरुवार व्रत और विष्णु पूजा है. आज पूरे दिन गुरु पुष्य योग, अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बना है. पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र, तैतिल करण, सिद्धि योग, उत्तर का दिशाशूल और मिथुन राशि का चंद्रमा है. आज शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करें. महादेव को बेलपत्र, भांग, धतूरा, फूल, फल, मिठाई आदि अर्पित करें. शिव चालीसा और शिवरात्रि व्रत कथा पढ़ें, उसके बाद शिव जी की आरती करें. शिव कृपा से आपका कल्याण होगा. दुख दूर होंगे और मनोकामनाएं पूरी होंगी.
आज गुरु पुष्य योग पूरे दिन बना है. इस योग में शुभ कार्य करने से आपको सफलता मिलेगी. इस योग में संपत्ति, सोना, चांदी आदि की खरीदारी करना उन्नतिदायक होता है. आज गुरुवार व्रत और विष्णु पूजा है. भगवान विष्णु को पीले फूल, हल्दी, चंदन, धूप, दीप, गुड़, चने की दाल आदि अर्पित करते हैं. गुरुवार की व्रत कथा सुनें. गुरुवार व्रत से कुंडली का गुरु दोष दूर होता है. आज पीले वस्त्र, घी, गुड़, चने की दाल, हल्दी, सोना, पीतल आदि का दान करें. आज दोपहर में भद्रा लग रही है. भद्रा का समय दोपहर 12:44 पी एम से है. पंचांग से जानते हैं आज के शुभ मुहूर्त और शिवरात्रि पूजा का समय.
आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang), 21 अगस्त 2025
आज की तिथि- त्रयोदशी – 12:44 पी एम तक, फिर चतुर्दशी
आज का नक्षत्र- पुष्य – 12:08 ए एम, अगस्त 22 तक, उसके बाद अश्लेषा
आज का करण- वणिज – 12:44 पी एम तक, विष्टि – 12:16 ए एम, अगस्त 22 तक, शकुनि
आज का योग- व्यतीपात – 04:14 पी एम तक, फिर वरीयान्
आज का पक्ष- कृष्ण
आज का दिन- गुरुवार
चंद्र राशि- कर्क
आज का नक्षत्र- पुष्य – 12:08 ए एम, अगस्त 22 तक, उसके बाद अश्लेषा
आज का करण- वणिज – 12:44 पी एम तक, विष्टि – 12:16 ए एम, अगस्त 22 तक, शकुनि
आज का योग- व्यतीपात – 04:14 पी एम तक, फिर वरीयान्
आज का पक्ष- कृष्ण
आज का दिन- गुरुवार
चंद्र राशि- कर्क
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय- 05:53 ए एम
सूर्यास्त- 06:54 पी एम
चन्द्रोदय- 04:41 ए एम, अगस्त 22
चन्द्रास्त- 05:54 पी एम
शिवरात्रि के मुहूर्त और शुभ योग
ब्रह्म मुहूर्त: 04:26 ए एम से 05:10 ए एम
अभिजीत मुहूर्त: 11:58 ए एम से 12:50 पी एम
अमृत काल: 05:49 पी एम से 07:24 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:34 पी एम से 03:26 पी एम
निशिता मुहूर्त: 12:02 ए एम, अगस्त 22 से 12:46 ए एम, अगस्त 22
शिवरात्रि पूजा मुहूर्त: 12:02 ए एम, अगस्त 22 से 12:46 ए एम, अगस्त 22
गुरु पुष्य योग: 05:53 ए एम से 12:08 ए एम, अगस्त 22
सर्वार्थ सिद्धि योग: 05:53 ए एम से 12:08 ए एम, अगस्त 22
अमृत सिद्धि योग: 05:53 ए एम से 12:08 ए एम, अगस्त 22
अभिजीत मुहूर्त: 11:58 ए एम से 12:50 पी एम
अमृत काल: 05:49 पी एम से 07:24 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:34 पी एम से 03:26 पी एम
निशिता मुहूर्त: 12:02 ए एम, अगस्त 22 से 12:46 ए एम, अगस्त 22
शिवरात्रि पूजा मुहूर्त: 12:02 ए एम, अगस्त 22 से 12:46 ए एम, अगस्त 22
गुरु पुष्य योग: 05:53 ए एम से 12:08 ए एम, अगस्त 22
सर्वार्थ सिद्धि योग: 05:53 ए एम से 12:08 ए एम, अगस्त 22
अमृत सिद्धि योग: 05:53 ए एम से 12:08 ए एम, अगस्त 22
दिन का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
शुभ-उत्तम: 05:53 ए एम से 07:31 ए एम
चर-सामान्य: 10:46 ए एम से 12:24 पी एम
लाभ-उन्नति: 12:24 पी एम से 02:02 पी एम
अमृत-सर्वोत्तम: 02:02 पी एम से 03:39 पी एम
शुभ-उत्तम: 05:17 पी एम से 06:54 पी एम
रात का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
अमृत-सर्वोत्तम: 06:54 पी एम से 08:17 पी एम
चर-सामान्य: 08:17 पी एम से 09:39 पी एम
लाभ-उन्नति: 12:24 ए एम से 01:47 ए एम, अगस्त 22
शुभ-उत्तम: 03:09 ए एम से 04:32 ए एम, अगस्त 22
अमृत-सर्वोत्तम: 04:32 ए एम से 05:54 ए एम, अगस्त 22
चर-सामान्य: 08:17 पी एम से 09:39 पी एम
लाभ-उन्नति: 12:24 ए एम से 01:47 ए एम, अगस्त 22
शुभ-उत्तम: 03:09 ए एम से 04:32 ए एम, अगस्त 22
अमृत-सर्वोत्तम: 04:32 ए एम से 05:54 ए एम, अगस्त 22
आज के अशुभ समय
राहुकाल- 02:02 पी एम से 03:39 पी एम
यमगण्ड- 05:53 ए एम से 07:31 ए एम
गुलिक काल- 09:09 ए एम से 10:46 ए एम
दुर्मुहूर्त- 10:14 ए एम से 11:06 ए एम, 03:26 पी एम से 04:18 पी एम
भद्रा- 12:44 पी एम से 12:16 ए एम, अगस्त 22
भद्रा का वास- धरती पर
दिशाशूल- दक्षिण
शिववास
भोजन में – 12:44 पी एम तक, उसके बाद श्मशान में.


