Guru Pushya Yoga 2025: 21 अगस्त का दिन बेहद शुभ, गुरु पुष्य योग के साथ बनेंगे 3 योग, इन 5 काम को करने से तेजी से होगी उन्नति

Guru Pushya Yoga 2025: 21 अगस्त का दिन बेहद शुभ, गुरु पुष्य योग के साथ बनेंगे 3 योग, इन 5 काम को करने से तेजी से होगी उन्नति

21 अगस्त 2025 गुरुवार का दिन बेहद शुभ है. इस दिन अगस्त की मासिक शिवरात्रि है, इस दिन गुरु पुष्य योग के साथ 3 शुभ योगों का निर्माण हो रहा है. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का योग बनता है तो गुरु पुष्य योग बनता है. गुरु पुष्य योग में कुछ कार्यों को करना बेहद शुभ होता है. यह ​दिन अक्षय तृतीया के समान ही शुभ फलदायी माना जाता है. इस योग में आप जो भी कार्य करते हैं, वह सफल होता है, परिवार की उन्नति होती है. आइए जानते हैं कि गुरु पुष्य योग कब से कब तक है? गुरु पुष्य योग में कौन से काम करने चाहिए?

गुरु पुष्य योग कब से कब तक?

21 अगस्त को गुरु पुष्य योग का निर्माण सुबह में 05 बजकर 53 मिनट से होगा और यह देर रात 12 बजकर 08 मिनट तक रहेगा. इस आधार पर गुरु पुष्य योग पूरे दिन है. इस ​दिन पुष्य नक्षत्र प्रात:काल से लेकर देर रात 12:08 ए एम तक है और चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा.

गुरु पुष्य योग के साथ ही अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहे हैं. इन 3 योगों की वज​ह से 21 अगस्त का दिन बेहद शुभ फलदायी बना है.

गुरु पुष्य योग में जरूर करें ये 5 काम

1. गुरु पुष्य योग में किया गया नया काम या शुरू किया गया बिजनेस सफल सिद्ध होता है.

2. गुरु पुष्य योग में आप सोना, चांदी, रत्न, मकान, दुकान, कार, जमीन आदि की खरीदारी कर सकते हैं. इस योग में अर्जित की गई संपत्ति उन्नतिदायक और स्थाई मानी जाती है.

3. गुरु पुष्य योग में आप टीवी, ​फ्रिज, एसी, पंखा, मोबाइल, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की खरीदारी कर सकते हैं.

4. गुरु पुष्य योग में आपको धन और वैभव की देवी माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. लक्ष्मी कृपा से आपके धन और संपत्ति में बढ़ोत्तरी होगी.

5. गुरु पुष्य योग में आपको देव गुरु बृहस्पति, अपने गुरु, इष्ट देवी और देवताओं की पूजा करनी चाहिए. अपनी क्षमता के अनुसार दान करें. इससे आपको अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी.

दोपहर से पहले कर लें शुभ कार्य

21 अगस्त को दोपहर से पूर्व ही शुभ कार्य कर लें क्योंकि उसके बाद से भद्रा लग रही है. भद्रा का समय दोपहर में 12 बजकर 44 मिनट से देर रात 12 बजकर 16 मिनट तक है. इस भद्रा का वास धरती पर है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Source link

Previous post

Kali Chalisa padhne ke fayde​: मां काली चालीसा का शनिवार को पाठ क्यों है खास? जानिए फायदे और पाठ की सही विधि

Next post

Guru Stotram: गुरुवार को करें गुरु स्तोत्र का पाठ, कुंडली का गुरु दोष होगा दूर, मिलेगी बृहस्पति की कृपा

You May Have Missed