अगस्त-सितंबर में भूलकर भी ना खाएं ये 2 दाल और 2 सब्जियां, हावी हो जाएंगी गरीबी और बीमारियां

अगस्त-सितंबर में भूलकर भी ना खाएं ये 2 दाल और 2 सब्जियां, हावी हो जाएंगी गरीबी और बीमारियां

Last Updated:

भाद्रपद मास में व्रत, उपवास, स्नान और दान करने से मनुष्य के समस्त दोष नष्ट होते हैं और आयु, आरोग्य, सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है. ज्योतिष में भाद्रपद मास में खान-पान के कई नियम बताए गए हैं. अगर आप इनका पालन कर…और पढ़ें

gogole-serarch-btn
अगस्त-सितंबर में भूलकर भी ना खाएं ये 2 दाल और 2 सब्जियां, हावी हो जाएगी गरीबी
Bhadrapada Maas Eating Tips : भाद्रपद मास 2025 चल रहा है, जिसे भादों के नाम से भी जाना जाता है भक्ति, साधना, दान और पर्वों का मास है. हिंदू कैलेंडर का छठा महीना भाद्रपद मास आमतौर पर अगस्त के मध्य से लेकर सितंबर के मध्य तक रहता है. इस मास में श्रीकृष्ण, भगवान विष्णु और गणेश जी की आराधना विशेष फलदायी होती है. पितृ तर्पण और श्राद्ध कर्म का प्रारंभ भी इसी समय होता है, जो पूर्वजों की शांति के लिए आवश्यक माना गया है. इस महीने का नाम भाद्रपद नक्षत्र के नाम पर रखा गया है. इस महीने में कई त्यौहार मनाए जाते हैं. यह महीना कई मायनों में बहुत महत्वपूर्ण है. ज्योतिष शास्त्र में भाद्रपद मास का महत्व बताते हुए कई तरह के आचरण और खान-पान के नियम बताए गए हैं. अगर आप इन नियमों का पालन करेंगे, तो आप सभी तरह को रोग व शोक से दूर रहेंगे. साथ ही पर्सनल व प्रफेशनल लाइफ में फायदा मिलेगा और परिवार में भी खुशियों बढ़ेंगी.

भाद्रपद मास में आहार के नियम
चरक संहिता में ऋतु के अनुसार, भाद्र मास के लिए कई आहार नियम बताए गए हैं. भाद्रपद मास वर्षा ऋतु में आता है. यह समय शरीर की शुद्धि और साधना के लिए उपयुक्त बताया गया है. इस ऋतु में गर्म और ठंडी दोनों ही तासीर होती है इसलिए इस महीने में न तो बहुत गर्म और न ही बहुत ठंडा खाना चाहिए. भाद्रपद माह में दूध और घी का सेवन तो किया जा सकता है, लेकिन दही और दही से बनी चीजों का परहेज करना चाहिए अन्यथा पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. साथ ही सर्दी, जुकाम संबंधी परेशानी हो सकती है.

पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने से बचें
भाद्रपद माह में मानसून पूरी तरह समाप्त नहीं होता और बरसात की वजह से कीटों का प्रकोप बना रहता है. इसलिए पाचन संबंधी समस्याओं से बचने के लिए भूलकर भी पत्तेदार सब्जियां ना खाएं. क्योंकि इस मास में पत्तेदार सब्जियों पर कई तरह के कीणे और बैक्टिरिया पनपते हैं. साथ ही इस मौसम में अधिक मसालेदार और तला भुना भोजन से परहेज करना चाहिए, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है. भाद्रपद मास में मक्खन खाने और व्रत करने से उम्र बढ़ती है.

इन दालों का सेवन करने से बचें
भाद्रपद मास में गुड़ और शहद का भी सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे बोलने में परेशानी हो सकती है. हमेशा ताजा खाना खाएं और बासी भोजन से दूर रहें. भाद्रपद माह में तरबूज खाने से बचें और सब्जियों में बैंगन और मूली से परहेज करना चाहिए. क्योंकि इन्हें खाना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है.दालों में आप भाद्रपद माह में मसूर और चना की दाल भी खाने से बचें. इसकी जगह आप अरहर दाल सहित अन्य दालें खा सकते हैं. भाद्रपद मास में तामिसक भोजन जैसे मांस मदिरा का सेवन करने से बचना चाहिए.

authorimg

Parag Sharma

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homedharm

अगस्त-सितंबर में भूलकर भी ना खाएं ये 2 दाल और 2 सब्जियां, हावी हो जाएगी गरीबी

Source link

Previous post

50 साल बाद शनि अमावस्या पर शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन, 5 राशियों की बढ़ेंगी सुख सुविधाएं और होगा भाग्योदय

Next post

Budh Pradosh Vrat 2025: बुध प्रदोष व्रत पर शाम 06:56 से पूजा करना क्यों उत्तम, महादेव संग करें गणपति पूजा

You May Have Missed