नवग्रह पूजा कब करनी चाहिए? क्या होते हैं इसके फायदे, जानें इससे जुड़े खास नियम
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Navgrah Puja: कुंडली में ग्रहों के अशुभ प्रभावों से मुक्ति के लिए नवग्रह पूजा कराते हैं. जब शनि, राहु या केतु अशुभ प्रभाव डालते हैं तो बनते काम बिगड़ जाते हैं, काम की गति धीमी हो जाती है, करियर में ठहराव आ जाता है, असाध्य रोग लग सकते हैं. इनसे मुक्ति के लिए नवग्रह पूजा कराते हैं. आइए जानते हैं नवग्रह पूजा के नियम और फायदे.
नवग्रह पूजा के नियम और फायदे.
Navgrah Puja: ज्योतिषशास्त्र में नवग्रह होते हैं. उसके आधार पर ही व्यक्ति के जीवन की दिशा निर्धारित होती है. सूर्य, चंद्र, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, मंगल, राहु और केतु नवग्रह होते हैं. कुंडली में जिस ग्रह की दशा चल रही होती है, उसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर होता है. जब ग्रहों का शुभ प्रभाव होता है, तो आपके कार्य सफल होते हैं और जीवन में उन्नति करते हैं, लेकिन जब ग्रह खराब होते हैं तो आप कितनी भी मेहनत करें, उसका परिणाम आपके मन के मुताबिक नहीं होता है. कार्य अटक जाते हैं या उनकी गति धीमी हो जाती है. सेहत खराब होती है, दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं. ऐसे में नवग्रह पूजा करनी पड़ती है.
नवग्रह पूजा कब करें?
- यदि आपकी कुंडली में कोई ग्रह कमजोर है. उसकी वजह से दोष बन रहा है या उसे मजबूती देकर शुभ फल प्राप्त करना है तो नवग्रह पूजा करा सकते हैं.
- शनि, राहु या केतु की महादशा या अंतर्दशा चल रही है तो भी नवग्रह पूजा करानी चाहिए. इससे उनका दुष्प्रभाव दूर होगा.
- कालसर्प दोष और राहु-केतु से जुड़ी समस्याएं होने पर उनकी शांति के लिए नवग्रह पूजा कराते हैं.
- सूर्य, गुरु, मंगल, बुध या शुक्र की वजह से आपको करियर में ग्रोथ नहीं मिल पा रहा है या दांपत्य जीवन सुखद नहीं है तो आपको नवग्रह पूजा करानी चाहिए.
- इनके अलावा जब आप कोई मांगलिक कार्य या नए काम की शुरूआत कर रहे हों तो उस समय भी नवग्रह पूजा करा सकते हैं.
नवग्रह पूजा करने का शुभ समय क्या है?
यदि शनि, राहु और केतु की पूजा करनी है तो शनिवार के दिन करें.
चंद्रमा की पूजा सोमवार, मंगल की पूजा मंगलवार, बुध की बुधवार, गुरु की बृहस्पतिवार और शुक्र की पूजा शुक्रवार को करा सकते हैं.
दिनों के अलावा आप नवग्रह पूजा अमावस्या और पूर्णिमा के दिन करा सकते हैं.
दिवाली, नाग पंचमी, धनतेरस या महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त में भी नवग्रह पूजा कराते हैं.
नववर्ष के पहले दिन नवग्रह पूजा कर सकते हैं ताकि पूरा साल आपका शुभ फलदायी हो.
नवग्रह पूजा किन परिस्थितियों में करनी चाहिए?
- यदि परिवार का कोई सदस्य लंबे समय से बीमार है, वह ठीक नहीं हो रहा है, तो उस स्थिति में नवग्रह पूजा करनी चाहिए.
- आपको कोई असाध्य रोग है, मन चिंतित रहता है, मानसिक तनाव या अवसाद की स्थिति बनती है तो भी आप नवग्रह पूजा करा सकते हैं.
- कोई भी काम की शुरूआत करते हैं तो वह अटक जाता है, बनता काम बार बार बिगड़ जाता है, करियर में अचानक से हानि की स्थिति बन जाती है तो उससे बचने के लिए नवग्रह पूजा कर सकते हैं.
- परिवार में क्लेश, संपत्ति विवाद, धोखे की स्थिति हो या कोई कोर्ट केस हो, वाद विवाद हो तो भी नवग्रह पूजा कराते हैं.
- बिना किसी वजह ही आपके जीवन में संकट आ रहे हैं, काम नहीं बन रहे हैं तो आपको ग्रहों की मजबूती के लिए नवग्रह पूजा करानी चाहिए.
नवग्रह पूजा के बाद किन नियमों का पालन करना चाहिए?
- यदि आप नवग्रह पूजा कराते हैं तो उसके बाद सात्विक भोजन करें और तामसिक वस्तुओं से दूर रहें.
- अपनी वाणी और व्यवहार पर संयम रखें. गलत बात और व्यवहार से ग्रह खराब होते हैं, जिसका अशुभ प्रभाव पड़ता है.
- जिस ग्रह की शांति के लिए पूजा कराया है, उसके मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
- नवग्रह पूजा के बाद भी स्नान और दान करते रहें. इससे आपके ग्रह मजबूत रहेंगे.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें


