संतान प्राप्ति, ग्रह दोषों से मुक्ति के लिए इस तरह करें महादेव का अभिषेक, मिलेगा शुभ समाचार!
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Maha Shivratri 2025 : रुद्राभिषेक से व्यक्ति के कष्ट दूर होते हैं और पापों का शमन होता है. चने की दाल, काले तिल और शहद मिश्रित गंगा जल से अभिषेक के विभिन्न लाभ होते हैं.
काले तिल से अभिषेक तंत्र बाधा नाश हेतु करें.
हाइलाइट्स
- रुद्राभिषेक से कष्ट और पाप दूर होते हैं.
- चने की दाल से अभिषेक शुभ कार्यों के लिए करें.
- काले तिल से अभिषेक तंत्र बाधा नाश हेतु करें.
Maha Shivratri 2025 : रूद्र और शिव दोनों एक दूसरे के पर्यायवाची हैं. शिव के अभिषेक से व्यक्ति के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं.सभी प्रकार के पापों का शमन होता है.मान्यता है रुद्राभिषेक करने से व्यक्ति सभी बुरी शक्तियों से बचा रहता है. चोट, एक्सीडेंट आदि से भी व्यक्ति के मुक्ति मिलती है. ग्रह कलेश, दुख और दरिद्रता दूर होते हैं और साथ ही वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं. किसी भी शुभ मांगलिक कार्य, संतान प्राप्ति और तंत्र वाधा एवं नजर दोष से मुक्ति के लिये अलग अलग तरह से रुद्राभिषेक करने का विधान है. आइये इनके बारे में विस्तार से समझते हैं.
चने की दाल से अभिषेक : किसी भी शुभ कार्य के आरंभ होने व कार्य में उन्नति के लिए भगवान शिव का चने की दाल से अभिषेक करें. भगवान शिव के समाधी स्थित स्वरुप का मानसिक ध्यान करें. फिर ताम्बे के पात्र में चने की दाल भर कर पात्र को चारों और से कुमकुम का तिलक करें. ओम यक्षनाथाय नम: का जाप करते हुए पात्र पर मौली बाधें. पंचाक्षरी मंत्र ओम नम: शिवाय का जाप करते हुए फूलों की कुछ पंखुडियां अर्पित करें. शिवलिंग पर चने की दाल की धार बनाते हुए-रुद्राभिषेक करें. अभिषेक करते हुए ओम शं शम्भवाय नम: मंत्र का जाप करें. शिवलिंग को साफ जल से धो कर वस्त्र से अच्छी तरह से पौंछ कर साफ करें.
काले तिल से अभिषेक : तंत्र बाधा नाश हेतु व बुरी नजर से बचाव के लिए काले तिल से अभिषेक करें. इसके लिये सर्वप्रथम भगवान शिव के नीलवर्ण स्वरुप का मानसिक ध्यान करें. ताम्बे के पात्र में काले तिल भर कर पात्र को चारों और से कुमकुम का तिलक करें. ओम हुं कालेश्वराय नम: का जाप करते हुए पात्र पर मौली बाधें. पंचाक्षरी मंत्र ओम नम: शिवाय का जाप करते हुए फूलों की कुछ पंखुडियां अर्पित करें. शिवलिंग पर काले तिल की धार बनाते हुए-रुद्राभिषेक करें. अभिषेक करते हुए ओम क्षौं ह्रौं हुं शिवाय नम: का जाप करें. शिवलिंग को साफ जल से धो कर वस्त्र से अच्छी तरह से पौंछ कर साफ करें.
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शहद मिश्रित गंगा जल : संतान प्राप्ति व पारिवारिक सुख-शांति हेतु शहद मिश्रित गंगा जल से अभिषेक करें. सबसे पहले भगवान शिव के चंद्रमौलेश्वर स्वरुप का मानसिक ध्यान करें. ताम्बे के पात्र में शहद मिश्रित गंगा जल भर कर पात्र को चारों और से कुमकुम का तिलक करें. ओम चन्द्रमसे नम: का जाप करते हुए पात्र पर मौली बाधें. पंचाक्षरी मंत्र ओम नम: शिवाय’ का जाप करते हुए फूलों की कुछ पंखुडियां अर्पित करें. शिवलिंग पर शहद मिश्रित गंगा जल की पतली धार बनाते हुए-रुद्राभिषेक करें अभिषेक करते हुए ओम वं चन्द्रमौलेश्वराय स्वाहा का जाप करें. शिवलिंग पर स्वच्छ जल से भी अभिषेक करें.
February 25, 2025, 18:38 IST
महा शिवरात्रि 2025: रुद्राभिषेक के विभिन्न प्रकार और उनके लाभ


