Maha Shivratri 2025: कैसे करें घर पर महाशिवरात्रि की पूजा, पूजन सामग्री से सरल विधि तक जानें सबकुछ!
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Mahashivratri 2025 Celebration Ideas: महाशिवरात्रि की पूजा से भगवान शिव की विशेष कृपा मिलती है और इस दिन किया गया व्रत पुण्य देने वाला होता है. पूजा के दौरान धैर्य और समर्पण की भावना रखना बहुत जरूरी है.
महाशिवरात्रि 2025
हाइलाइट्स
- महाशिवरात्रि पर घर पर पूजा करना फलदायी है.
- पूजा सामग्री में शिवलिंग, बेलपत्र, भांग, धतूरा शामिल हैं.
- पूजा चार प्रहरों में की जाती है, प्रत्येक का विशेष महत्व है.
Mahashivratri 2025 Celebration Ideas: महाशिवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्व रखता है. यह दिन भगवान शिव की पूजा, उपासना और उपवासी रहने का दिन होता है. विशेष रूप से इस दिन को लेकर यह मान्यता है कि जो व्यक्ति महाशिवरात्रि के चारों प्रहरों में पूजा करते हैं, उन्हें पूरे साल पुण्य का फल प्राप्त होता है. यदि आप इस खास दिन पर मंदिर नहीं जा पा रहे हैं, तो घर पर ही महाशिवरात्रि की पूजा करना एक बहुत ज्यादा फलदायी काम हो सकता है. आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से कि महाशिवरात्रि की पूजा घर पर कैसे करें और किस सामग्री की आवश्यकता होती है.
महाशिवरात्रि पूजा के लिए जरूरी सामग्री
महाशिवरात्रि पूजा में कुछ खास सामग्री का इस्तेमाल होता है, जिससे पूजा पूरी तरह से विधिपूर्वक संपन्न हो सके. पूजा सामग्री की सूची इस प्रकार है-
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– शिवलिंग या भगवान शिव की तस्वीर
– बेलपत्र, भांग, धतूरा
– मदार पुष्प या फूलों की माला
– शमी के पत्ते
– गाय का दूध, दही, शक्कर
– गंगाजल, चंदन, केसर, अक्षत
– इत्र, लौंग, छोटी इलायची, पान-सुपारी
– शहद, बेर, मौसमी फल, खस
– शिव चालीसा, शिव आरती, महाशिवरात्रि व्रत कथा की किताब
– भोग के लिए हलवा, ठंडाई या लस्सी
– हवन की सामग्री
महाशिवरात्रि पूजा विधि
महाशिवरात्रि पूजा का आयोजन चार प्रहरों में किया जाता है. ये प्रहर हैं:
1. पहला प्रहर: शाम 6 से 9 बजे तक
2. दूसरा प्रहर: रात 9 से 12 बजे तक
3. तीसरा प्रहर: रात 12 से 3 बजे तक
4. चौथा प्रहर: रात 3 से अगले दिन सुबह 6 बजे तक
इन प्रहरों में पूजा करने का विशेष महत्व है और इन्हें मन से, ध्यान लगाकर किया जाता है.
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घर पर महाशिवरात्रि पूजा की विधि
1. स्नान और व्रत का संकल्प: पूजा से पहले सुबह स्नान करें और सफेद रंग के कपड़े पहनें. फिर भोलेनाथ के सामने व्रत का संकल्प लें. अगर आप निराहार नहीं रह सकते, तो फल या दूध का सेवन करें.
2. मंत्र जाप और त्रिपुंड लगाना: दिनभर ‘ऊं नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करें. पूजा के समय त्रिपुंड लगाना बेहद महत्वपूर्ण है.
3. शिवलिंग की पूजा: घर के मंदिर में शिवलिंग को रखें और सबसे पहले गणपति बप्पा का नाम लें. फिर शुद्ध जल और गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें. इसके बाद पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) से शिवलिंग का अभिषेक करें.
4. भोग अर्पित करना: भोग के रूप में हलवा, ठंडाई या लस्सी अर्पित करें. फिर ‘ऊं गं गणपतयै नम:’ और ‘ऊं नम: शिवाय’ मंत्रों का जाप करें.
5. आरती और परिक्रमा: पूजा के बाद भगवान शिव की आरती करें और आधी परिक्रमा करके पूजा संपन्न करें.
February 25, 2025, 19:00 IST
कैसे करें घर पर महाशिवरात्रि की पूजा, पूजन सामग्री से सरल विधि तक जानें सबकुछ!


