ज्येष्ठ अधिक मास कब से है? तुलसी के साथ कर लें बस एक उपाय, मिलेंगे 4 बड़े लाभ

ज्येष्ठ अधिक मास कब से है? तुलसी के साथ कर लें बस एक उपाय, मिलेंगे 4 बड़े लाभ

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Jyeshtha Adhik Maas 2026: इस बार अधिक मास ज्येष्ठ महीने में जुड़ रहा है, इस वजह से यह ज्येष्ठ अधिक मास है. ज्येष्ठ अधिक मास में भगवान विष्णु की पूजा के समय तुलसी के पत्ते से एक उपाय कर देंगे तो आपका पितृ दोष मिट जाएगा और इसके साथ 3 और भी फायदे होंगे.

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ज्येष्ठ अधिक मास में तुलसी के पत्तों से विष्णु पूजा करें. (Photo: AI)

Jyeshtha Adhik Maas 2026: अधिक मास का प्रारंभ 17 मई से हो रहा है. यह ज्येष्ठ माह में आप रहा है, इस वजह से इसे ज्येष्ठ अधिक मास कहा जा रहा है. अधिक मास में सबसे पहले शुक्ल पक्ष आता है और उसके बाद कृष्ण पक्ष होता है,​ जबकि अन्य माह में कृष्ण पक्ष पहले और शुक्ल पक्ष बाद में आता है. अधिक मास भगवान विष्णु को प्रिय है, इसलिए ज्येष्ठ अधिक मास में तुलसी के पत्ते से एक आसान उपाय कर लें तो आपको 4 प्रकार के लाभ होंगे. इससे आपके पितर भी खुश हो जाएंगे.

ज्येष्ठ अधिक मास कब से कब तक

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक मास का शुभारंभ 17 मई को होगा, उस दिन ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि होगी. वहीं ज्येष्ठ अधिक मास का समापन 15 जून को होगा. उस दिन ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या तिथि होगी.

ज्येष्ठ अधिक मास का अचूक उपाय

ज्येष्ठ अधिक मास में आप प्रतिदिन स्नान करने के बाद भगवान विष्णु का सहस्त्रार्चन करें. यह भगवान विष्णु की पूजा की शुभ फलदायी विधि है. इसमें आप तुलसी के 1000 पत्ते लें और श्रीहरि के 1000 नामों का उच्चारण करें. हर नाम के उच्चारण के साथ भगवान विष्णु को कोई एक वस्तु ​अर्पित करें या फिर वह तुलसी के पत्ते अर्पित करें.

विष्णु सहस्त्रार्चन को विष्णु सहस्रनाम पाठ से विशेष फलदायी माना जाता है. पाठ में आप केवल नाम जप करते हैं, जबकि सहस्त्रार्चन में हर नाम के साथ तुलसी का पत्ता या कोई विशेष वस्तु का अर्पण भगवान को करते हैं.

अधिक मास में विष्णु सहस्त्रार्चन के 4 फायदे

  1. अधिक मास में जो भी व्यक्ति विष्णु सहस्त्रार्चन करता है, उसे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है. उसे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे वह उन्नति करता है, उसका जीवन सुखमय होता है.
  2. विष्णु सहस्त्रार्चन करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. जो पितर अशांत होते हैं, उनको श्रीहरि की कृपा से शांति मिलती है.
  3. जीवन में सुख, शांति और समृद्धि के लिए श्री विष्णु सहस्त्रार्चन तुलसी के पत्तों से करना चाहिए.
  4. जो व्यक्ति अधिक मास में श्री विष्णु सहस्त्रार्चन करता है, उसके कष्ट मिटते हैं, जीवन में आने वाली बाधाएं और संकट दूर होते हैं. जीवन के अंत में उसे भी मोक्ष की प्राप्ति होती है.

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कार्तिकेय तिवारीDeputy News Editor

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें

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