Tulsi Chunari: क्यों लाल चुनरी तुलसी माता को नहीं चढ़ानी चाहिए? सही रंग चुनकर पाएं सुख-समृद्धि

Tulsi Chunari: क्यों लाल चुनरी तुलसी माता को नहीं चढ़ानी चाहिए? सही रंग चुनकर पाएं सुख-समृद्धि

Tulsi Chunari: तुलसी का पौधा हर हिंदू घर की आस्था और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. घर के आंगन में लगी तुलसी न सिर्फ वातावरण को शुद्ध रखती है, बल्कि माना जाता है कि इससे घर में लक्ष्मी माता का वास भी होता है. हिंदू धर्म में तुलसी को देवी लक्ष्मी का स्वरूप कहा गया है और हर साल तुलसी विवाह का पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन तुलसी माता का विवाह भगवान शालिग्राम (जो भगवान विष्णु का ही एक स्वरूप हैं) से कराया जाता है. इस मौके पर तुलसी को सजाया-संवारा जाता है, उन्हें वस्त्र, गहने, चुनरी और भोग अर्पित किया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि तुलसी माता को किस रंग की चुनरी अर्पित करनी चाहिए? ज्यादातर लोग लाल रंग की चुनरी चढ़ाते हैं, क्योंकि यह देवी लक्ष्मी का पसंदीदा रंग माना जाता है. मगर ज्योतिष के अनुसार यह पूरी तरह सही नहीं है. दरअसल, तुलसी ग्रहों से जुड़ी हुई हैं, और उनके रंग का संबंध सीधे उनके ग्रह से होता है, अगर आप गलत रंग की चुनरी अर्पित कर देते हैं, तो इसका उल्टा असर भी हो सकता है. इसीलिए आज हम आपको बताएंगे कि तुलसी विवाह 2025 पर तुलसी माता को किस रंग की चुनरी चढ़ानी चाहिए और इसके पीछे का धार्मिक और ज्योतिषीय कारण क्या है.

तुलसी का ग्रहों से संबंध
भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, तुलसी की पत्तियों का रंग हरा होता है और हरा रंग बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है. बुध ग्रह बुद्धि, संवाद और समृद्धि का कारक माना जाता है. इसलिए तुलसी का सीधा संबंध बुध ग्रह से होता है. जब हम तुलसी की पूजा करते हैं, तो हम बुध ग्रह की कृपा पाने का अवसर भी प्राप्त करते हैं. लेकिन यही कारण है कि तुलसी को अर्पित किए जाने वाले वस्त्र का रंग भी बुध ग्रह के अनुसार होना चाहिए.

क्यों नहीं चढ़ानी चाहिए लाल रंग की चुनरी?
कई लोग तुलसी माता को लाल रंग की चुनरी पहनाते हैं, लेकिन ज्योतिष के अनुसार यह सही नहीं है. लाल रंग मंगल ग्रह का प्रतीक होता है और बुध व मंगल दोनों एक-दूसरे के शत्रु ग्रह माने जाते हैं. ऐसे में अगर आप तुलसी (जो बुध से जुड़ी हैं) को लाल रंग की चुनरी अर्पित करते हैं, तो इससे नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. पंडित जी कहते हैं, “लाल रंग की चुनरी तुलसी पर चढ़ाने से घर में कलह, धन की हानि या महिला सदस्यों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है.” इसलिए इसे शुभ नहीं माना जाता.

कौन-से रंग की चुनरी अर्पित करें तुलसी माता को?
-अगर आप तुलसी माता को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो उन्हें हरे रंग की चुनरी पहनाएं. यह रंग बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है और समृद्धि, संतुलन और सकारात्मकता का प्रतीक है.
-इसके अलावा, बुध के मित्र ग्रह शनि और शुक्र हैं. शनि को नीला रंग और शुक्र को सफेद रंग पसंद है. इसलिए तुलसी पर नीली या सफेद चुनरी भी अर्पित की जा सकती है.
-धार्मिक दृष्टि से देखें तो तुलसी देवी लक्ष्मी का अवतार हैं और उनका विवाह भगवान विष्णु के स्वरूप श्रीकृष्ण से हुआ था. चूंकि श्रीकृष्ण का रंग श्याम या सांवला था, इसलिए आप चाहें तो काले रंग की चुनरी भी अर्पित कर सकते हैं. यह श्रीकृष्ण के प्रेम और भक्ति का प्रतीक मानी जाती है.

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कब और कैसे करें तुलसी को वस्त्र अर्पित
-तुलसी को वस्त्र अर्पित करने के लिए सुबह का समय सबसे शुभ माना गया है. कोशिश करें कि आप तुलसी को सूर्योदय के बाद स्नान कर, शुद्ध मन से वस्त्र अर्पित करें.
-रविवार और एकादशी के दिन तुलसी को वस्त्र नहीं पहनाने चाहिए, क्योंकि इन दिनों तुलसी माता की पूजा विशेष रूप से निषिद्ध मानी जाती है.
-वस्त्र चढ़ाते समय तुलसी माता को दूध या गंगाजल से स्नान कराएं, फिर सिंदूर, हल्दी, रोली और पुष्प अर्पित करें. इसके बाद हरे, नीले, सफेद या काले रंग की चुनरी उढ़ाएं.
-अगर आप चाहें तो तुलसी के गमले में श्रीकृष्ण का छोटा सा फोटो या शालिग्राम भी रख सकते हैं. इससे तुलसी विवाह का पूर्ण फल प्राप्त होता है.

तुलसी विवाह का महत्व
तुलसी विवाह न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह गृहस्थ जीवन में सुख-शांति का प्रतीक भी है. ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा से तुलसी विवाह करता है, उसके जीवन में सौभाग्य बढ़ता है और दांपत्य संबंध मजबूत होते हैं. तुलसी विवाह करने से विवाह में आ रही रुकावटें भी दूर होती हैं.

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