क्या आप भी गिनकर बनाती हैं रोटियां? हो जाएं सावधान, जानें क्या हैं इसके भारी नुकसान

क्या आप भी गिनकर बनाती हैं रोटियां? हो जाएं सावधान, जानें क्या हैं इसके भारी नुकसान

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Vastu Tips: रोटी केवल भोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है. रोटी बनाने से जुड़े वास्तु नियमों का पालन करने से घर में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. इन छोटे-छो…और पढ़ें

रोटी बनाने से जुड़े वास्तु नियमों का पालन करें

हाइलाइट्स

  • रोटियां गिनकर न बनाएं, इससे लक्ष्मी नाराज होती हैं.
  • पहली रोटी गाय और आखिरी रोटी कुत्ते को दें.
  • रात में तवा और झूठे बर्तन साफ रखें.

Vastu Tips For Roti: भारतीय संस्कृति में रसोई को बहुत पवित्र स्थान माना जाता है, और यहां बनाए गए भोजन का सीधा प्रभाव घर के सदस्यों के जीवन पर पड़ता है. वास्तु शास्त्र में रसोई से जुड़ी कई मान्यताएं और नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. विशेष रूप से, रोटी बनाते समय कुछ नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे और वास्तु दोष से बचा जा सके. आइए जानते हैं वास्तु शास्त्री रवि पाराशर से रोटी बनाते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

रोटी गिनकर न बनाएं
रोटी का संबंध सूर्य देव से होता है. जब हम रोटी गिनकर बनाते हैं, तो यह सूर्य देव का अपमान माना जाता है, जिससे घर में धन और सुख-शांति की हानि हो सकती है. साथ ही परिवार के सदस्यों को जॉब प्रमोशन और बिजनेस में बड़ा घाटा उठाना पड़ सकता है. इसलिए रोटियां गिनकर न बनाएं बल्कि जरूरत से थोड़ी अधिक ही बनाएं, ताकि किसी को कमी महसूस न हो और कोई रिश्तेदार अचानक घर पर आ जाए तो वह भी भूखा न जाए.

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पहली और आखिरी रोटी का महत्व
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में बनी पहली रोटी गाय के लिए और आखिरी रोटी कुत्ते के लिए निकालनी चाहिए. ऐसा करने से घर में बरकत बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. यदि गाय उपलब्ध न हो, तो पहली रोटी किसी जरूरतमंद को भी दी जा सकती है.

आटा ताजा होना चाहिए
बासी आटे का प्रयोग करना परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य और आपसी संबंधों के लिए हानिकारक माना जाता है. बासी आटे का संबंध राहु से होता है, और इसे इस्तेमाल करने से घर में कलह और धन की कमी हो सकती है. इसलिए रोज ताजा आटा गूंथकर ही रोटी बनाएं और बचे हुए आटे को अगले दिन उपयोग में न लाएं.

चूल्हे (गैस) की दिशा सही होनी चाहिए
रसोई में जिस स्थान पर चूल्हा (गैस स्टोव) रखा जाता है, उसका वास्तु के अनुसार होना जरूरी है. चूल्हे को हमेशा रसोई के दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण) में रखना चाहिए, क्योंकि यह दिशा अग्नि देव की होती है. रोटी बनाते समय व्यक्ति का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.

तवा और कढ़ाई का सही उपयोग
तवा और कढ़ाई को कभी भी रात में जूठे बर्तनों के साथ नहीं रखना चाहिए. वास्तु के अनुसार, तवा राहु का प्रतीक होता है, और इसे बिना धोए छोड़ देने से घर में नकारात्मकता बढ़ती है. रात में तवे को साफ करके सूखे स्थान पर रखना चाहिए. इसके अलावा, जब पहली रोटी बनाई जाती है, तो तवे पर एक चुटकी नमक डालकर उसे साफ कर लेना चाहिए. इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है.

रोटी बनाने के बाद चकला-बेलन साफ रखें
चकला और बेलन का भी वास्तु में विशेष महत्व है. रोटी बनाने के बाद चकला और बेलन को साफ करके सही स्थान पर रखना चाहिए. गंदे या बिखरे हुए चकला-बेलन से घर में दरिद्रता आती है और लक्ष्मी माता नाराज हो सकती हैं. यदि चकला-बेलन से रोटी बनाने में आवाज आ रही हो, तो उसके नीचे एक कपड़ा रखकर रोटी बनानी चाहिए.

कुछ विशेष दिनों में तवे पर रोटी न बनाएं

श्राद्ध के दिन: इन दिनों पवित्र भोजन ही ग्रहण करना चाहिए, रोटी नहीं बनाई जाती.

नाग पंचमी: इस दिन तवे का उपयोग वर्जित माना जाता है, क्योंकि यह राहु का प्रतीक होता है.

शीतला अष्टमी: इस दिन बासी भोजन का भोग लगाया जाता है और रोटी बनाने की मनाही होती है.

कोजागरी पूर्णिमा: इस दिन भी तवे का उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि खीर-पूरी बनाई जाती है.

दीपावली: इस दिन तवे पर रोटी बनाने की बजाय पकवान बनाकर महालक्ष्मी का स्वागत किया जाता है.

आटा गूंथने का सही तरीका
आटा गूंथते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. आटे को मुठ्ठी से हल्का दबाकर रखना चाहिए, पूरी तरह से समतल नहीं करना चाहिए. आटे में थोड़ा सा दूध मिलाने से रोटियां स्वादिष्ट बनती हैं और घर में समृद्धि बनी रहती है. गूंथे हुए आटे को खुला न छोड़ें और उस पर आखिर में अंगुली के निशान जरूर छोड़ें और इसे हमेशा ढककर रखें. ऐसा करने से हमेशा घर में बरकत बनी रहती है.

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रोटी बनाते समय सकारात्मक भाव रखें
रोटी बनाते समय मन में सकारात्मक भाव रखने चाहिए, क्योंकि जो भोजन बनाया जाता है, उसमें व्यक्ति की भावनाएं समाहित हो जाती हैं. यदि रोटी बनाने वाला व्यक्ति गुस्से या चिंता में होगा, तो इसका असर पूरे परिवार पर पड़ेगा. इसलिए रोटी बनाते समय मंत्रोच्चार या भजन सुनना शुभ होता है.

झूठे बर्तन और तवा रात में न छोड़ें
रात में झूठे बर्तन और तवा सिंक में न रखें, बल्कि इन्हें साफ करके उचित स्थान पर रखें. ऐसा करने से राहु का प्रभाव कम होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है.

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