आखिर क्यों शिवलिंग पर चढ़ाया भोग नहीं खाया जाता, बेहद जरूरी है आपका यह रहस्य जानना, क्या कहता है शिव पुराण?

आखिर क्यों शिवलिंग पर चढ़ाया भोग नहीं खाया जाता, बेहद जरूरी है आपका यह रहस्य जानना, क्या कहता है शिव पुराण?

Last Updated:

Shiv Ji Ka Prasad Khana Chahie Ya Nahin: देवी देवताओं की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त पूजा अर्चना कर भोग लगाते हैं. आमतौर पर देवी देवताओं की पूजा में चढ़ाया गया प्रसाद बांटकर खाया जाता है, ऐसा करने से मन शुद्ध…और पढ़ें

आखिर क्यों शिवलिंग पर चढ़ाया भोग नहीं खाया जाता

हाइलाइट्स

  • शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण करना चाहिए या नहीं?.
  • शिव पुराण से जानें शिवलिंग के प्रसाद के बारे में.
  • सभी शिवलिंग पर चढ़े प्रसाद से नहीं लगता दोष.

देवी-देवताओं को भोग लगाना पूजा का हिस्सा माना जाता है और यह भक्त की श्रद्धा भाव भी को दर्शाता है. हिंदू धर्म में देवी देवताओं को लगाया गया भोग अमृत के समान माना जाता है. इस भोग के ग्रहण करने से आत्मा पवित्र होती है और आसपास सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है. लेकिन क्या आपको पता है भगवान शिव के निराकार स्वरूप शिवलिंग पर चढ़े प्रसाद को ग्रहण करना निषेध माना जाता है. आप शिवलिंग का अभिषेक कर पूजा-अर्चना और भोजन कीर्तिन कर सकते हैं लेकिन शिव पुराण के अनुसार शिवलिंग पर चढ़े प्रसाद को ग्रहण नहीं कर सकते. आइए जानते हैं आखिर शिवलिंग पर चढ़े भोग को क्यों नहीं खाया जाता…

शिव पूजा से होते हैं सभी दोष दूर
शिव पुराण के अनुसार, शिव ही अविनाशी, सर्वगुणाधार, सर्वज्ञ हैं, जो हमेशा से मंगलमय है वही शिव है. सभी देवी देवताओं में भगवान शिव को प्रसन्न करना बेहद आसान होता है इसलिए भगवान शिव को भोलेनाथ भी कहा जाता है. भगवान शिव को आप एक लोटा जल अर्पित करने मात्र से ही प्रसन्न कर सकते हैं. भगवान शिव की पूजा करने से सभी तरह के संकटों से मुक्ति मिलती है और घर में हमेशा सुख समृद्धि बनी रहती है. साथ ही भगवान शिव की हर रोज पूजा करने से कुंडली में मौजूद सभी तरह के दोषों से मुक्ति मिलती है और ग्रह-नक्षत्रों का भी शुभ प्रभाव पड़ता है.

इसलिए शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद खाना है निषेध
शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव की पूजा करना सबसे आसान है लेकिन शिवलिंग पर अर्पित भोग को खाना निषेध है. ऐसा इसलिए है क्योंकि भगवान शिव के मुख से चण्डेश्वर नामक गण प्रकट हुआ था. चण्डेश्वर गण को सभी भूत-प्रेतों का प्रधान माना जाता है. मान्यता है कि जब शिवलिंग पर भोग चढ़ाया जाता है, वह चढ़ा हुआ प्रसाद चण्डेश्वर को जाता है. इसलिए शिवलिंग पर चढ़ाए गए प्रसाद को भूत-प्रेतों का भोजन ग्रहण करने के समान माना जाता है. इसलिए शिवलिंग पर चढ़ाया गया भोग को खाना वर्जित बताया गया है.

इन शिवलिंग पर चढ़े प्रसाद पर नहीं होता दोष
शिव पुराण के अनुसार, सभी शिवलिंग पर चढ़े हुए प्रसाद पर चण्डेश्वर गण का भाग नहीं होता है. जिस शिवलिंग का निर्माण पत्थर, मिट्टी और चीनी मिट्टी से होता है, उन पर शिवलिंग चढ़े प्रसाद को ग्रहण नहीं करना चाहिए. इन शिवलिंग पर चढ़े प्रसाद को जलाशय या फिर किसी नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए. वहीं अगर धातु से बना शिवलिंग या फिर पारद पर चढ़ाए गए प्रसाद पर चण्डेश्वर गण का अंश नहीं होता है, इस प्रसाद पर महादेव का भाग होता है इसलिए इन शिवलिंग पर चढ़े प्रसाद को ग्रहण करने से कोई दोष नहीं लगता है.

शिव के साकार स्वरूप पर लगे भोग को कर सकते हैं ग्रहण
शिवलिंग के उपर रखे गए प्रसाद को आप ग्रहण नहीं कर सकते, बल्कि शिवलिंग के आसपास रखे गए प्रसाद को ग्रहण कर सकते हैं. साथ ही शिव के साकार स्वरूप यानी मूर्ति को अर्पित किए गए भोग को ग्रहण कर सकते हैं, ऐसा करने से कोई हानि नहीं होती बल्कि शिव कृपा प्राप्त होती है. वहीं शिवलिंग के साथ अगर शालिग्राम रखे हुए हैं तब यह दोष दूर होता जाता है. शिवलिंग के साथ शालिग्राम की पूजा करके चढ़ाए गए भोग को खाने से कोई नुकसान नहीं होता है.

homeastro

आखिर क्यों शिवलिंग पर चढ़ाया भोग नहीं खाया जाता, क्या कहता है शिव पुराण?

Source link

You May Have Missed