सावन में बनाएं मिट्टी का शिवलिंग, जानें पार्थिव शिवलिंग की पूजा का महत्व और सही विधि

सावन में बनाएं मिट्टी का शिवलिंग, जानें पार्थिव शिवलिंग की पूजा का महत्व और सही विधि

Last Updated:

Sawan 2026: सावन में मिट्टी का शिवलिंग बनाकर पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अपने हाथों से पार्थिव शिवलिंग बनाकर विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूरी करते हैं. पंडित उमाचन्द्र मिश्रा ने बताया कि शिवलिंग बनाने, पूजा, विसर्जन और अलग-अलग अभिषेक के विशेष महत्व के बारे में शिवपुराण में भी उल्लेख हैं.

फरीदाबाद: सावन का महीना शुरू होते ही शिवालयों में भक्तों की भीड़ बढ़ने लगती है. इस पूरे महीने भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. कोई जलाभिषेक करता है तो कोई रुद्राभिषेक, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में अपने हाथों से मिट्टी का शिवलिंग बनाकर उसकी पूजा करना भी बेहद शुभ माना गया है. कहा जाता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से मिट्टी के शिवलिंग की पूजा करने पर भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. आखिर इसकी क्या मान्यता है और मिट्टी का शिवलिंग कैसे बनाया जाए… आइए जानते हैं.

पार्थिव शिवलिंग की पूजा से मिलती है शिव कृपा

Local18 से बातचीत में पंडित उमाचन्द्र मिश्रा बताते हैं शिवपुराण में पार्थिव यानी मिट्टी के शिवलिंग का विशेष महत्व बताया गया है. खासकर कलयुग में मिट्टी के शिवलिंग की पूजा को बहुत फलदायी माना गया है. सच्चे मन से पार्थिव शिवलिंग की पूजा करने से व्यक्ति के पूर्व जन्मों के पापों का भी क्षय होता है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

अपने हाथों से मिट्टी का शिवलिंग बनाना क्यों शुभ माना जाता है

पंडित उमाचन्द्र मिश्रा बताते हैं आजकल कई लोग बाजार से छोटी मिट्टी की शिवलिंग खरीदकर उसी पर जल चढ़ा देते हैं, लेकिन यदि संभव हो तो शिवलिंग अपने हाथों से बनाना ज्यादा शुभ माना गया है. इसके लिए पीपल के पेड़ के नीचे से करीब डेढ़ फुट गहराई की साफ मिट्टी ली जा सकती है. अगर जंगल की साफ मिट्टी या गंगा किनारे की बालू वाली मिट्टी मिल जाए तो उसे भी मिलाया जा सकता है. इसके बाद गंगाजल डालकर मिट्टी को अच्छी तरह गूंथें और श्रद्धा के साथ शिवलिंग तैयार करें.

पूजा के बाद मिट्टी के शिवलिंग का अगले दिन विसर्जन करें

पंडित उमाचन्द्र मिश्रा बताते हैं मिट्टी के शिवलिंग को घर में हमेशा के लिए नहीं रखना चाहिए. पूजा पूरी होने के बाद उसी दिन शाम को या फिर अगले दिन सुबह उसका विसर्जन कर देना चाहिए. सावन के पूरे महीने रोज नया शिवलिंग बनाकर पूजा करें और फिर उसका विधि-विधान से विसर्जन कर दें. रात तक शिवलिंग रखा जा सकता है, लेकिन अगले दिन उसका विसर्जन करना उचित माना गया है.

राहु-केतु और शनि दोष दूर करने का आसान उपाय

पंडित उमाचन्द्र मिश्रा बताते हैं अगर किसी की कुंडली में राहु, केतु या शनि से जुड़ी परेशानियां चल रही हों या जीवन में लगातार बाधाएं आ रही हों तो एक विशेष उपाय भी किया जा सकता है. इसके लिए देशी गाय का थोड़ा सा गोबर, सतनजा यानी सात प्रकार के अनाज, साफ मिट्टी और गंगाजल मिलाकर शिवलिंग बनाया जाए. इसके बाद किसी योग्य ब्राह्मण से रुद्राभिषेक कराया जाए.इस उपाय का फल कई गुना बढ़ जाता है और जीवन की अनेक परेशानियां दूर होने लगती हैं.

गन्ने के रस से शिव अभिषेक दिलाए सुख-समृद्धि और लक्ष्मी

पंडित उमाचन्द्र मिश्रा बताते हैं भगवान शिव के अभिषेक में अलग-अलग चीजों का अपना अलग महत्व माना गया है. अगर घर में सुख-समृद्धि और अखंड लक्ष्मी का वास चाहते हैं तो गन्ने के रस से अभिषेक करें. संतान सुख, धन-धान्य और परिवार में शांति की कामना के लिए गाय के दूध से अभिषेक करना शुभ माना जाता है. वहीं यदि कोई लंबे समय से बीमारी से परेशान है तो कुशा मिले जल से भगवान शिव का अभिषेक करने की मान्यता है. सबसे जरूरी बात यह है पूजा पूरी श्रद्धा, विश्वास और सच्चे मन से की जाए, तभी भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है.

About the Author

Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…

और पढ़ें

Source link

You May Have Missed