Guru Stotram: गुरुवार को करें गुरु स्तोत्र का पाठ, कुंडली का गुरु दोष होगा दूर, मिलेगी बृहस्पति की कृपा
गुरु स्तोत्र पाठ
अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्।
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परम्ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
चिन्मयं व्यापियत्सर्वं त्रैलोक्यं सचराचरम्।
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
वेदान्ताम्बूजसूर्याय तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
चैतन्यं शाश्वतं शान्तं व्योमातीतं निरंजनं।
नादबिंदु कलातीतं तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
भुक्ति मुक्ति प्रदाता च तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
अनेकजन्म सम्प्राप्त कर्मबन्धविदाहिने।
आत्मज्ञानप्रदानेन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
न गुरोरधिकं ज्ञानं तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
मन्नाथः श्रीजगन्नाथः मद्गुरुः श्रीजगद्गुरुः।
मदात्मा सर्वभूतात्मा तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
गुरोः परतरं नास्ति तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
यत्सत्येन जगत्सर्वं यत्प्रकाशेन भ्रान्तियत।
यदानन्देन नंदैन्ति तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
नित्यबोधं चिदानन्दम गुरुर्ब्रह्मानमाम्यहम॥
ध्यानमूलं गुरोमूर्ति पूजा मूलं गुरोरपदं।
मंत्र मूलं गुरोर्वाक्यं मोक्षमूलं गुरोर्कृपा॥
स्मरामि श्रीगुरुनाम निर्मलम्।
पश्यामि श्रीगुरु रूप सुन्दरम्।
श्रृणोमि श्रीगुरु कीर्ति अद्भुतम्॥
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)


