Laddu Gopal Chatti Puja 2025 : जन्माष्टमी पर जन्मे कान्हा… माताएं अब कर लें लड्डू गोपाल की छठी की तैयारी, केवल इस चीज का लगाएं भोग

Laddu Gopal Chatti Puja 2025 : जन्माष्टमी पर जन्मे कान्हा… माताएं अब कर लें लड्डू गोपाल की छठी की तैयारी, केवल इस चीज का लगाएं भोग

Laddu Gopal Chatti Kab Hai 2025 : जन्माष्टमी पर भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण अपने बाल गोपाल के रूप में घर-घर पधार चुके हैं. पूरे देश में कान्हाजी के जन्म का उत्सव भक्तों ने बहुत धूमधाम से मनाया. जन्माष्टमी के मौके पर भक्त और ईश्वर के बीच की दूरी बिल्कुल खत्म हो गई और घर घर हम सभी के प्रभु ने जन्म लिया. अब कान्हा का जन्म तो हो गया लेकिन अब किसी बच्चे के जन्म के बाद उसकी छठी की तैयारी भी करनी होती हैं, उसी तरह हमारे लड्डू गोपाल की भी छठी होगी. सनातन धर्म में किसी भी बच्चे के जन्म के बाद छठी भी मनाए जाने की परंपरा है, ताकि बच्चे को भविष्य में किसी भी परेशानी का सामना ना करना पड़े.

हमारे प्रभु की हो रही है छठी
लड्डू गोपाल की छठी में मथुरा वृंदावन समेत ब्रज के कई मंदिरों को सजाया जाता है. भंडारे किए जाते हैं और ब्रज की महिलाएं भजन कीर्तन और गाना गाती हैं. साथ ही घरों में धार्मिक कार्यक्रम किए जाते हैं क्योंकि हर घर में हमारे कान्हा का जन्म हुआ है. इस दिन घरों में पकवान बनाए जाते हैं और कान्हा की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की जाती है. छठी हमेशा बच्चे के जन्म के छह दिन मनाई जाती है, उसी तरह जन्माष्टमी के छठे दिन लड्डू गोपाल की छठी मनाई जाएगी.

इस दिन मनाएं लड्डू गोपाल की छठी
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीहरि का जन्म हुआ था, ऐसे में छठवे दिन यानी भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी तिथि पर लड्डू गोपाल की छठी मनाई जाएगी, जिन लोगों ने साल 2025 में 15 अगस्त को कान्हा का व्रत रखते हुए उनका जन्मोत्सव मनाया है वे 21 अगस्त दिन गुरुवार को और जिन्होंने उदया तिथि को आधार मानते हुए 16 अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व मनाया था, वे लोग 22 अगस्त दिन शुक्रवार के दिन लड्डू गोपाल की छठी मनाएंगे.

वैसे तो ज्यादातर लोगों ने 16 अगस्त को ही जन्माष्टमी का पर्व मनाया था. ऐसे में 22 अगस्त को कृष्णजी की छठी मनाने वालों के लिए सुबह 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक का अभिजीत मुहूर्त सबसे शुभ रहेगा. इस शुभ समय पर आप छठी से जुड़ी पूजा व अन्य धार्मिक परंपराएं निभा सकते हैं.

छठी पर लड्डू गोपाल की पूजा विधि
छठी पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की साफ सफाई करके स्नान ध्यान करें. साथ ही पूरे घर में गंगाजल से छिड़काव करें. घर के बाहर और आंगन में रंगोली बनाएं. इसके बाद हमारे लड्डू गोपाल की धीरे धीरे बच्चों की तरह उठाएं और उनका पंचामृत से अभिषेक करें. छठी के दिन लड्डू गोपाल को नए वस्त्र पहनाएं, लेकिन पोशाक चुनते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह पोशान हमारे लड्डू गोपाल का चुभे ना. अभिषेक के बाद फल, फूल, मिठाई, तुलसी के पत्ते आदि चढ़ाएं.

छठी पर लड्डू गोपाल का भोग
सभी चीजें अर्पित करने के बाद अब नंबर आता है भोग का. लड्डू गोपाल की छठी वाले दिन कढ़ी चावल का भोग अर्पित करें. भोग में तुलसी दल अवश्य डालें, इसके बाद भोग को प्रसाद के तौर पर सभी में बांट दें. छठी पर कढ़ी चावल का भोग लगाने का बड़ा महत्व है, दही, बेसन और हल्के मसालों के साथ कढ़ी बनाएं और भगवान को अर्पित करें, इसके साथ ही माखन मिश्री का भोग भी लगाएं और मोरपंख अर्पित करें. फिर देसी घी के दीपक से शंख व घंटे के साथ आरती करें.

छठी वाले दिन गरीब व जरूरतमंद लोगों को भोजन अवश्य कराएं और दान पुण्य भी अवश्य करें. छठी को एक उत्सव की तरह मनाएं क्योंकि हमारे प्रभु की छठी हो रही है. इसके साथ ही कदंब के पेड़ की टहनी लाकर पूजा स्थल पर रख सकते हैं क्योंकि कृष्णजी को कदंब का पेड़ बड़ा प्रिय है. इसके साथ ही भगवान कृष्ण से जुड़े मंत्रों का जप करें और दिन भर भजन कीर्तन करें. साथ ही शाम के समय भी पूजा अर्चना करें.

Source link

Previous post

Shivratri August 2025 Date: भाद्रपद शिवरात्रि कब है? गुरु पुष्य समेत बनेंगे 3 शुभ योग, दोपहर में लगेगी भद्रा, जानें तारीख, मुहूर्त

Next post

व्यापार, बुद्धि और वाणी में सुधार चाहिए? बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए करें यह उपाय, जल्द दिखेगा सोच और व्यक्तित्व में फर्क

You May Have Missed