हरतालिका तीज पर पहली बार रखना है व्रत, तो जानें किस समय करनी है पूजा, ये 9 नियम हैं जरूरी

हरतालिका तीज पर पहली बार रखना है व्रत, तो जानें किस समय करनी है पूजा, ये 9 नियम हैं जरूरी

हरतालिका तीज का व्रत 26 अगस्त मंगलवार को है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हरतालिका तीज का व्रत भाद्रपद मा​ह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. इस साल हरतालिका तीज की तिथि 25 अगस्त सोमवार को दोपहर 1:54 बजे से लेकर 26 अगस्त मंगलवार को दोपहर 1:54 बजे तक है. हरतालिका तीज का व्रत अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है. इस दिन सुहागन महिलाएं व्रत और पूजा करती हैं. हरतालिका तीज की पूजा का समय अन्य पूजा के समय से अलग होता है. जो सुहागन महिलाएं पहली बार हरतालिका तीज का व्रत रखने वाली हैं, उनको व्रत और पूजा के नियमों के बारे में जानना चाहिए. आइए जानते हैं हरतालिका तीज की पूजा का समय और व्रत के जरूरी नियमों के बारे में.

1. हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रखा जाता है. इस व्रत में अन्न, पानी, दूध, फल, जूस आदि को सेवन वर्जित हैं.

2. हरतालिका तीज व्रत का प्रारंभ ​तृतीया तिथि के सूर्योदय से होता है और यह चतुर्थी के सूर्योदय तक मान्य होता है. इस बीच में जल ग्रहण नहीं करते हैं.

3. निर्जला व्रत प्रारंभ करने से पहले सहरी होती है. इसमें व्रत रखने वाली महिलाएं सूर्योदय से पहले चाय, पानी, जूस आदि पी लेती हैं और फल, मेवे आदि खाती हैं.

4. हरतालिका तीज की पूजा में माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा की जाती है. इसमें साफ काली मिट्टी से तीनों की मूर्तियां बनाते हैं. यदि मिट्टी उपलब्ध नहीं है तो आप इनकी तस्वीर का भी प्रयोग कर सकते हैं.

5. इस दिन सुहागन महिलाएं दुल्हन की तरह से तैयार होती हैं. उनके व्रत के लिए मायके से लाल रंग की साड़ी, बिंदी, मेहंदी, आलता, महावर, फल, मिठाई आदि प्राप्त होता है. सुसराल से भी ये चीजें मिलती हैं.

6. हरतालिका तीज की पूजा हमेशा शाम के समय में प्रदोष काल के वक्त करते हैं. प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद से प्रारंभ होता है. सूर्यास्त के बाद ​जब अंधेरा होने लगे तो आप हरतालिका तीज की पूजा करें.

7. पूजा के समय माता लक्ष्मी को सुहाग की सामग्री और 16 श्रृंगार की समाग्री अर्पित करते हैं. माता पार्वती को अखंड सौभाग्य प्राप्त है. भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा से व्रती महिलाओं का दांपत्य जीवन खुशहाल होता है और पति की आयु बढ़ती है.

8. हरतालिका तीज के व्रत में दोपहर के समय में सोना नहीं चाहिए. इससे दोष लगता है. जिन महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, उनको निर्जला व्रत से बचना चाहिए.

9. हरतालिका तीज व्रत का पारण चतुर्थी को सूर्योदय के समय किया जाता है. लेकिन किन्हीं कारणों से आप चतुर्थी के सूर्योदय तक व्रत नहीं रख सकती हैं तो रात्रि 12 बजे के बाद पानी पी सकती हैं.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Source link

Previous post

Most Dangerous Mulank: इन 4 मूलांक वालों से भूलकर भी न करें दुश्मनी, लेने के पड़ जाएंगे देने, मैदान छोड़कर भागना ही होगा विकल्प

Next post

Kali Chalisa padhne ke fayde​: मां काली चालीसा का शनिवार को पाठ क्यों है खास? जानिए फायदे और पाठ की सही विधि

You May Have Missed