सूर्यास्त के बाद भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना घर में बढ़ सकती हैं परेशानियां
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Sunset Vastu Rules: लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान ज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने बताया कि वास्तु शास्त्र के अनुसार सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू लगाना शुभ नहीं माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि शाम के समय झाड़ू लगाने से घर की लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है. हालांकि आज के आधुनिक जीवन में सफाई जरूरी है
ऋषिकेश: भारतीय संस्कृति में सूर्यास्त का समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. दिन और रात के बीच का यह संक्रमण काल केवल प्राकृतिक बदलाव का संकेत नहीं देता, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी विशेष माना जाता है. वास्तु शास्त्र और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के बाद वातावरण की ऊर्जा में परिवर्तन होने लगता है. इसी कारण कुछ ऐसे कार्य बताए गए हैं जिन्हें शाम ढलने के बाद करने से बचना चाहिए. मान्यता है कि इन नियमों का पालन करने से घर में सुख, शांति और सकारात्मकता बनी रहती है, जबकि इन्हें नजरअंदाज करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
सूर्यास्त के बाद कौन से काम न करें
लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान ज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने बताया कि वास्तु शास्त्र के अनुसार सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू लगाना शुभ नहीं माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि शाम के समय झाड़ू लगाने से घर की लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है. हालांकि, आज के आधुनिक जीवन में सफाई जरूरी है, लेकिन परंपरागत मान्यता के अनुसार झाड़ू का मुख्य कार्य दिन के समय ही करना बेहतर माना गया है.
इसके अलावा शाम के समय घर से दूध, दही या अन्य सफेद खाद्य पदार्थ किसी को देने से भी बचने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि ये चीजें समृद्धि और सुख-शांति का प्रतीक होती हैं. सूर्यास्त के बाद इन्हें घर से बाहर भेजना आर्थिक स्थिरता और सौभाग्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता.
सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्ते न तोड़ें
तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इस समय तुलसी माता विश्राम करती हैं. इसलिए पूजा-पाठ या अन्य कार्यों के लिए तुलसी के पत्ते दिन के समय ही तोड़ लेने चाहिए. यह परंपरा आज भी अधिकांश घरों में देखने को मिलती है.
सूर्यास्त के बाद नाखून काटना वर्जित
सूर्यास्त के बाद नाखून काटना भी कई घरों में वर्जित माना जाता है. पुराने समय में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होती थी, इसलिए अंधेरे में नाखून काटने से चोट लगने का खतरा रहता था. धीरे-धीरे यह सावधानी एक परंपरा का रूप ले गई. आज भले ही पर्याप्त रोशनी उपलब्ध हो, लेकिन कई लोग इस मान्यता का सम्मान करते हुए शाम के बाद नाखून काटने से बचते हैं.
वास्तु और लोक मान्यताओं में सूर्यास्त के बाद बड़े पेड़ों, विशेष रूप से पीपल और बरगद के पेड़ों के नीचे अधिक समय बिताने से भी मना किया गया है. माना जाता है कि शाम के बाद इन स्थानों की ऊर्जा बदल जाती है. हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से भी रात के समय पेड़ों के आसपास कम रोशनी और सुनसान माहौल के कारण सावधानी बरतना उचित माना जाता है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


