वैशाख पूर्णिमा कब है? एक ही दिन होगा व्रत, स्नान-दान या दो दिन का विधान? आसानी से जानें
वैशाख पूर्णिमा कब है? एक ही दिन होगा व्रत, स्नान-दान या दो दिन का विधान? जानें
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Vaishakha Purnima Kab Hai 2026 Date: वैशाख पूर्णिमा के दिन स्नान करते हैं, उसके बाद व्रत रखकर सत्य नारायण भगवान की पूजा करते है. फिर दान करते हैं. शाम को माता लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा की जाती है. इससे जीवन में सुख और समृद्धि आती है. इस साल वैशाख पूर्णिमा कब है? पंचांग से जानें वैशाख पूर्णिमा की तारीख, मुहूर्त और चंद्रोदय समय.
वैशाख पूर्णिमा 2026 तारीख और मुहूर्त. (Photo: AI)
Vaishakha Purnima Kab Hai 2026 Date: वैशाख पूर्णिमा हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की 15वीं तिथि यानि पूर्णिमा को होती है. वैशाख पूर्णिमा के दिन स्नान और दान करने से पाप मिटते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है. इस दिन व्रत रखकर सत्य नारायण भगवान, माता लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा करते हैं. इससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है. वैशाख पूर्णिमा पर राशि के अनुसार दान करने से कुंडली का चंद्र दोष मिटता है. पंचांग से जानते हैं कि वैशाख पूर्णिमा कब है? वैशाख पूर्णिमा का व्रत, स्नान और दान किस तारीख को है? वैशाख पूर्णिमा का मुहूर्त, चंद्रोदय समय क्या है?
वैशाख पूर्णिमा 2026 तारीख
पंचांग देखा जाए तो वैशाख पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल दिन गुरुवार को रात 9 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी. यह तिथि अगले दिन 1 मई शुक्रवार को रात 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि और चंद्रोदय समय के आधार पर वैशाख पूर्णिमा 1 मई शुक्रवार को है.
वैशाख पूर्णिमा का व्रत 1 मई को रखा जाएगा और वैशाख पूर्णिमा का स्नान एवं दान भी 1 मई को ही होगा. इस बार पूर्णिमा व्रत और पूर्णिमा स्नान की तारीख दो दिन नहीं है.
वैशाख पूर्णिमा 2026 मुहूर्त
1 मई को वैशाख पूर्णिमा के दिन स्नान के लिए सबसे उत्तम समय यानि ब्रह्म मुहूर्त 04:15 ए एम से लेकर 04:58 ए एम तक रहेगा. वैशाख पूर्णिमा का शुभ समय यानि कि अभिजीत मुहूर्त 11:52 ए एम से लेकर दोपहर 12:45 पी एम तक है. उस दिन का निशिता मुहूर्त 11:57 पी एम से 12:39 ए एम तक रहेगा.
वैशाख पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त सूर्यास्त 06:56 पी एम के बाद प्रदोष काल में है. उस दिन सूर्योदय 05:41 ए एम पर होगा.
सिद्धि योग में वैशाख पूर्णिमा
इस साल की वैशाख पूर्णिमा पर सिद्धि योग और स्वाति नक्षत्र का संयोग बना है. वैशाख पूर्णिमा के दिन सिद्धि योग प्रात:काल से लेकर रात 09:13 पी एम तक है, उसके बाद व्यतीपात योग बनेगा. सिद्धि योग जप, तप, ध्यान आदि की सिद्धि के लिए शुभ योग है. वैशाख पूर्णिमा पर स्वाति नक्षत्र प्रात:काल से लेकर 2 मई को 04:35 ए एम तक है.
वैशाख पूर्णिमा पर चांद निकलने का समय
इस बार वैशाख पूर्णिमा को चांद शाम को 6 बजकर 52 मिनट पर निकलेगा. जो लोग वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखेंगे, वे चंद्रमा को अर्घ्य उस समय दें, जब वह पूरी तरह से निकलकर आकाश में प्रकाशवान हो. पानी में कच्चा दूध और अक्षत् मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें


