महाशिवरात्रि के व्रत का पारण कब और कैसे करें, जानें पारण विधि, महत्व, नियम और अमावस्या तिथि का रखें ध्यान

महाशिवरात्रि के व्रत का पारण कब और कैसे करें, जानें पारण विधि, महत्व, नियम और अमावस्या तिथि का रखें ध्यान

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Maha Shivratri Vrat Paran Samay: देशभर में धूमधाम से महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है और हर जगह बम बम भोले की गूंज सुनाई दे रही है. महाशिवरात्रि का व्रत ब्रह्म मुहूर्त से शुरू होता है और पारण करने के बाद सम…और पढ़ें

महाशिवरात्रि के व्रत का पारण कब और कैसे करें

हाइलाइट्स

  • महाशिवरात्रि व्रत का पारण 27 फरवरी को करें.
  • व्रत का पारण 6:48 से 8:52 बजे के बीच करें.
  • पारण में सात्विक भोजन करें और दान करें.

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि के पर्व का विशेष महत्व है, भगवान शिव के भक्त पूरे साल इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं. महाशिवरात्रि के मौके पर आज भक्त विधि विधान के साथ व्रत करते हैं और पूजा अर्चना व रात्रि जागरण भी करते हैं. फिर अंत में महाशिवरात्रि व्रत का पारण किया जाता है और इसी के साथ व्रत का समापन हो जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि का व्रत और रात्रि जागरण करने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है. साथ ही जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. महाशिवरात्रि का महत्व साल भर में आने वाली सभी मासिक शिवरात्रि तिथियों से कहीं अधिक होता है इसलिए देशभर के शिवालयों में महाशिवरात्रि के दिन भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है. आइए जानते हैं आखिर महाशिवरात्रि के व्रत का पारण कब किया जाएगा और व्रत के पारण की विधि क्या है…

महाशिवरात्रि व्रत का महत्व
महाशिवरात्रि का व्रत हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. महाशिवरात्रि के मौके पर आज भक्त श्रद्धा भाव के साथ व्रत करते हैं और शिव-गौरी की पूजा अर्चना करते हैं. महाशिवरात्रि को लेकर पहली मान्यता यह है कि इस दिन भगवान शिव अपने निराकार स्वरूप अग्नि स्तंभ यानी शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे और दूसरी मान्यता यह है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह भी हुआ था. महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा करने का भी विधान है. रात्रि के चारों प्रहरों में भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से सभी कष्टों व परेशानियों से मुक्ति मिलती है और कुंडली में मौजूद सभी दोष दूर होते हैं.

अमावस्या तिथि का ध्यान रखें
महाशिवरात्रि का व्रत आज पूरे दिन किया जाएगा और रात्रि के चारों प्रहरों में भी भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाएगी. इसके बाद यानी 27 फरवरी को महाशिवरात्रि व्रत का पारण किया जाएगा. महाशिवरात्रि व्रत का पारण करने का सही समय और विधि जानना बहुत जरूरी है. इस व्रत का पारण शुभ समय पर करना बहुत जरूरी है क्योंकि इस दिन अमावस्या तिथि भी लग रही है. इसलिए अमावस्या तिथि के लगने से पहले ही व्रत का पारण करना शुभ रहेगा.

महाशिवरात्रि व्रत 2025 पारण का समय
फाल्गनु अमावस्या तिथि का प्रारंभ 27 फरवरी को सुबह 8 बजकर 54 मिनट पर हो रहा है इसलिए महाशिवरात्रि व्रत का पारण आप 6 बजकर 48 मिनट से लेकर 8 बजकर 52 मिनट तक कर सकते हैं. इस शुभ समय पर भगवान शिव की पूजा अर्चना कर व्रत का पारण कर सकते हैं.

महाशिवरात्रि व्रत 2025 पारण विधि
1-महाशिवरात्रि के व्रत का पारण 27 फरवरी दिन बुधवार को होगा इसलिए ब्रह्ममुहूर्त में उठकर शिवालय में जाकर शिवलिंग की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करें.
2- पूजा अर्चना करने के बाद भगवान शिव के मंत्र ‘ॐ नम: शिवाय’ का जप करते हुए फलाहार से व्रत का समापन करें.
3- अगर आप चारों प्रहरों में भी शिवजी की पूजा अर्चना कर रहे हैं तब भी यह नियम लागू होगा.
4- पारण में सात्विक भोजन करें और गरीब व जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं और दान करें.

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महाशिवरात्रि के व्रत का पारण कब और कैसे करें, जानें पारण विधि, महत्व और नियम

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