प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी कब है? बन रहे 5 शुभ संयोग, नहीं देखना चंद्रमा, जानें तारीख
प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी कब? बनेंगे 5 शुभ संयोग, न देखें चंद्रमा, जानें तारीख
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Pradyumna Vinayaka Chaturthi 2026 June Date: प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी का व्रत ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्थी तिथि को है. इस दिन 5 शुभ संयोग बन रहे हैं. इस व्रत में चंद्रमा की पूजा नहीं करते हैं और न देखते हैं. आइए जानते हैं कि जून की विनायक चतुर्थी कब है?
जून विनायक चतुर्थी 2026 तारीख और मुहूर्त.
Pradyumna Vinayaka Chaturthi 2026 June Date: ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी है. इस दिन व्रत रखते हैं और विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की पूजा करते हैं. इस बार की विनायक चतुर्थी पर 5 शुभ संयोग बन रहे हैं, जिसकी वजह से यह दिन और भी पुण्य फलदायी है. इस चतुर्थी के व्रत में चंद्रमा की पूजा करना तो दूर दर्शन करना भी वर्जित है. आइए जानते हैं कि जून की विनायक चतुर्थी कब है?
जून विनायक चतुर्थी 2026 तारीख
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 17 जून को रात 9 बजकर 38 मिनट से हो रहा है और यह तिथि 18 जून को शाम 6 बजकर 58 मिनट पर खत्म होगी. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर विनायक चतुर्थी व्रत 18 जून गुरुवार को है.
5 शुभ सयोग में प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी 2026
18 जून की विनायक चतुर्थी पर 5 शुभ संयोग बन रहे हैं. इन खास बात यह हैं कि ये सभी शुभ संयोग एक साथ बन रहे हैं और एक साथ ही खत्म हो रहे हैं. विनायक चतुर्थी के साथ गुरुवार व्रत भी है.
- गुरु पुष्य योग: 05:23 ए एम से 11:32 ए एम
- सर्वार्थ सिद्धि योग: 05:23 ए एम से 11:32 ए एम
- रवि योग: 05:23 ए एम से 11:32 ए एम
- अमृत सिद्धि योग: 05:23 ए एम से 11:32 ए एम
- पुष्य नक्षत्र: 05:23 ए एम से 11:32 ए एम
प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी 2026 मुहूर्त
इस विनायक चतुर्थी के व्रत में मध्याह्न के समय पूजा होती है. इस वजह से प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी पूजा का मुहूर्त सुबह 10:58 ए एम से लेकर दोपहर 01:46 पी एम तक है. आपको गणेश जी की पूजा के लिए 2 घंटे 48 मिनट का समय प्राप्त होगा. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:03 ए एम से 04:43 ए एम है, वहीं दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त 11:54 ए एम से लेकर दोपहर 12:50 पी एम तक है.
विनायक चतुर्थी पर कब से कब तक नहीं देखना चांद
विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रोदय सुबह में 08:44 ए एम पर होगा और इसका समापन रात 10:28 पी एम पर होगा. ऐसे में विनायक चतुर्थी पर आपको 13 घंटे 44 मिनट तक चंद्रमा को नहीं देखना है. इस दिन चंद्रमा का दर्शन करने से झूठा कलंक लगता है.
विनायक चतुर्थी पर भद्रा
विनायक चतुर्थी के दिन भद्रा का प्रारंभ सुबह में 8 बजकर 13 मिनट पर होगा और इसका समापन शाम को 6 बजकर 58 मिनट पर होगा. इस भद्रा का वास धरती पर है, इस वजह से आप भद्रा काल में कोई शुभ काम न करें. विनायक चतुर्थी की पूजा, मंत्र जाप आदि कर सकते हैं.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें


