नाराज पितरों को करना है खुश तो कोई भी काम शुरू करने से पहले कर दें ये छोटा सा उपाय, फिर
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How To Please Ancestors: पितर नाराज होते हैं तो लाइफ में असफलता का दौर शुरू हो जाता है. जो काम करेंगे, उसमें आपको सफलता नहीं मिलेगी. व्यक्ति को कोई असाध्य रोग हो सकता है. ऐसे में पितरों को खुश करने के लिए आप कुछ आसान उपाय हैं, जिनको करके आप लाभ पा सकते हैं. आइए जानते हैं कि नाराज पितरों को कैसे खुश करें?
नाराज पितरों को कैसे मनाएं?
How To Please Ancestors: हिंदू धर्म में पितरों को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है. मांगलिक कार्यों में देवी-देवताओं को निमंत्रण देते हैं, तो पितरों को भी न्योता जाता है, ताकि उनकी कृपा पूरे परिवार पर हो. पूरा परिवार सुख और शांति से जीवन व्यतीत करे. काम में तरक्की होगी. पितर खुश रहते हैं तो सब ठीक रहता है, लेकिन जब वे नाराज होते हैं तो फिर उथल-पुथल मचा देते हैं. उनकी नाराजगी की वजह से काम में असफलता मिलने लगती है, परिवार में कलह, विवाद, अविश्वास की स्थिति बनती है, परिवार के किसी सदस्य को असाध्य रोग हो जाता है, संतान में वृद्धि नहीं होती है, धन संकट और दरिद्रता से व्यक्ति परेशान हो जाता है. यदि आपके पितर नाराज हैं तो आपको एक छोटा सा उपाय करना चाहिए, इससे आपको लाभ होगा और काम सफल होंगे.
नाराज पितरों को खुश करने के आसान उपाय
यदि आपके पितर नाराज हैं तो उनको खुश करने के लिए आप स्नान करने के बाद जल से तर्पण दें. यह काम अमावस्या, पूर्णिमा, किसी व्रत और त्योहार पर कर सकते हैं. यदि संभव है तो उनके नाम से प्रतिदिन जल अर्पित कर दें. इससे वे प्रसन्न होंगे. उनकी नाराजगी दूर होगी और आपके कार्य सफल होंगे.
पितर नाराज हैं तो आज से आप एक नियम बना लें कि जो भी काम करना है, उससे पहले पितरों का आशीर्वाद जरूर लें. उदाहरण के लिए आप जॉब के इंटरव्यू के लिए जा रहे हैं तो घर से निकलने से पहले आप अपने पितरों को स्मरण करें और कहें कि हे पितर देव! मैं इंटरव्यू के लिए जा रहा हूं, आप सभी आशीर्वाद दें कि मैं सफल होऊं. पितरों के आशीर्वाद से आपके कार्य सफल होंगे.
पितरों को खुश करने के लिए आप गाय, कौआ, कुत्ता आदि को खाना दें. आपके घर पर जो भी भोजन बन रहा है, उसमें से थोड़ा सा खाना निकाल लें और उसे गाय, कौआ, कुत्ता आदि को खिला दें. माना जाता है कि इन जीवों के माध्यम से अन्न और जल पितरों को प्राप्त होता है. यह उपाय आप अमावस्या, पूर्णिमा या चाहें तो प्रतिदिन कर सकते हैं.
आपके घर में कोई भी कार्य हो, उसमें पितरों को भी आमंत्रित करें. इससे पितर काफी खुश होंगे. इससे उनको यह लगता है कि उनके पुत्र या वंश के लोग उनका आदर-सम्मान कर रहे हैं. इससे उनकी शिकायतें दूर हो जाती हैं और वे खुश होकर आशीर्वाद देते हैं.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें


