दिन में एक बार जरूर आता है यमराज का यह समय, 'साक्षात् मौत' को देना है निमंत्रण, भूलकर भी न करें 6 काम
यमगंड यानि यमराज के प्रभाव वाला काल
सामान्य भाषा में समझा जाए तो यमगंड का अर्थ है यमराज के प्रभाव वाला काल. ज्योतिष शास्त्र में यमगंड को मृत्यु सूचक, हानि, बाधा, भय और अपशकुन से जुड़ा माना जाता है.
यमगंड में शुभ कार्य क्यों नहीं करते?
आपको बताया कि यमगंड यम के प्रभाव का समय है. इसमें आप कोई शुभ कार्य करते हैं तो वह असफल हो सकता है, उसमें हानि हो सकती है या उसका प्रभाव पूर्णत: नकारात्मक हो सकता है. ऐसे में आप जब भी कोई शुभ कार्य करने जाएं तो राहुकाल के साथ ही यमगंड का भी विचार कर लें. यमगंड में मांगलिक कार्यों को करने से बचें.
यमगंड में न करें ये 6 काम
1. लापरवाही से वाहन चलाना
यमगंड के समय में आप लापरवाही से वाहन चलाते हैं तो यह साक्षात् मौत को निमंत्रण देने जैसा है क्योंकि इस समय में हुई दुर्घटना मृत्यु के समान कष्ट देती है.
यमगंड के समय में नया कार्य न करें. इसमें असफलता या हानि होने की आशंका रहती है.
3. नई नौकरी या बिजनेस शुरू न करें
यमगंड के समय में नई नौकरी ज्वाइन न करें. यदि ऐसा करते हैं तो वह जॉब आपके लिए काफी चुनौतिपूर्ण और तनाव देने वाली हो सकती है.
यमगंड के समय में विवाह, सगाई, विदाई जैसे कार्य नहीं करने चाहिए. यह आपके लिए अशुभ साबित हो सकता है.
5. संतान जन्म से बचें
यमगंड काल में नई संतान को जन्म देने से भी बचा जाता है. हालांकि इस पर मनुष्य का कोई नियंत्रण नहीं है, लेकिन जो बच्चे ऑपरेशन से होते हैं, उनके लिए इस समय का त्याग करना चाहिए.
6. कोई शुभ संस्कार न करें
मुंडन, जनेऊ, गृह प्रवेश, गर्भाधान समेत कोई शुभ कार्य या संस्कार यमगंड में नहीं करना चाहिए.


