घर में झाड़ू रखने की सही दिशा क्या है? वास्तु विशेषज्ञ ने बताए उपाय
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झाड़ू को सिर्फ सफाई का साधन नहीं…बल्कि मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार झाड़ू को हमेशा छिपाकर रखें, पैर न लगाएं और ईशान कोण में न रखें. जानिए झाड़ू से जुड़े ऐसे नियम, जिनका पालन करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
फरीदाबाद: हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में झाड़ू को केवल सफाई का साधन नहीं बल्कि सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि झाड़ू से जुड़ी छोटी-छोटी सावधानियां घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं जबकि कुछ गलतियां आर्थिक परेशानियों और वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं. ऐसे में झाड़ू को लेकर बताए गए नियम आम लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं.
झाड़ू को हमेशा छिपाकर रखना चाहिए
Local18 से बातचीत में महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं झाड़ू को हमेशा छिपाकर रखना चाहिए. झाड़ू को घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए. झाड़ू को दक्षिण या पश्चिम दिशा के किसी कोने में इस तरह रखना शुभ माना जाता है कि वह बाहर से आने वाले लोगों को दिखाई न दे.
झाड़ू को कभी भी पैर से नहीं लांघना चाहिए
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं झाड़ू को कभी भी पैर से नहीं लांघना चाहिए और न ही उसे ठोकर मारनी चाहिए. झाड़ू को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है इसलिए उसके प्रति सम्मान का भाव रखना आवश्यक है. महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं संध्या के समय या रात में झाड़ू लगाने से बचना चाहिए. यदि किसी कारणवश सफाई करनी पड़े तो कूड़े को एक स्थान पर इकट्ठा कर ढक दें और सुबह उसे घर से बाहर निकालें.
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं घर से किसी व्यक्ति के निकलते ही तुरंत झाड़ू नहीं लगानी चाहिए. झाड़ू या तो उसके जाने से पहले लगा लेनी चाहिए या फिर उसके जाने के करीब एक से डेढ़ घंटे बाद लगानी चाहिए. ऐसा करने से शुभता बनी रहती है और नकारात्मक प्रभाव से बचाव होता है.
झाड़ू को खुले स्थान पर रखने से बचना चाहिए
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं झाड़ू को खुले स्थान पर रखने से बचना चाहिए. घर आने वाले बाहरी लोगों की नजर झाड़ू पर नहीं पड़नी चाहिए. झाड़ू को हमेशा लेटाकर और ढककर रखना चाहिए. महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं झाड़ू को खड़ा करके रखना अशुभ माना जाता. इसलिए खड़ा करके नहीं रखना चाहिए.
झाड़ू मां लक्ष्मी का प्रतीक
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं दीपावली और धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा भी इसी मान्यता से जुड़ी है कि झाड़ू मां लक्ष्मी का प्रतीक है. यदि झाड़ू पुरानी और खराब हो जाए तो उसे बदल देना चाहिए. पुरानी झाड़ू को जलाने या इधर-उधर फेंकने के बजाय जमीन में गड्ढा खोदकर दबा देना शुभ माना जाता है.
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं झाड़ू से जुड़े इन सरल नियमों का पालन करने से घर में स्वच्छता के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहता है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार इससे सुख-समृद्धि और बरकत में वृद्धि होने की संभावना रहती है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


