गायत्री जयंती पर कैसे करें गायत्री मंत्र का जाप? जानें विधि, नियम, अर्थ और किस माला से करे

गायत्री जयंती पर कैसे करें गायत्री मंत्र का जाप? जानें विधि, नियम, अर्थ और किस माला से करे

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How To Chant Gayatri Mantra: गायत्री जयंती 25 जून को है. इस अवसर पर गायत्री मंत्र का जाप करके शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं. गायत्री मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती है. गायत्री मंत्र का जाप कैसे करते हैं? आइए जानते हैं गायत्री मंत्र जाप की विधि, नियम और अर्थ.

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गायत्री मंत्र का जाप कैसे करें? (Photo: AI)

Gayatri Mantra Jaap Vidhi: इस साल गायत्री जयंती 25 जून को है. इस दिन गायत्री माता की पूजा करते हैं और गायत्री मंत्र का जाप करते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को गायत्री माता का प्रकाट्य हुआ था, इसलिए हर साल इस​ तिथि को गायत्री जयंती मनाते हैं. गायत्री माता से ही वेद, शास्त्र, श्रुतियों की उत्पत्ति हुई है. गायत्री जयंती के अवसर पर गायत्री मंत्र का जाप कैसे करें? इसमें किस माला का प्रयोग करते हैं? गायत्री मंत्र का अर्थ क्या है?

गायत्री मंत्र

ॐ भूर्भुवः स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्.

गायत्री मंत्र का अर्थ

उस प्राणस्वरूप, दुखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक और देवस्वरूप परमात्मा का हम ध्यान करते हैं. वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सही मार्ग की ओर प्रेरित करें.

किस माला से करें गायत्री मंत्र का जाप

गायत्री मंत्र का जाप रुद्राक्ष या फिर चंदन की माला से करना चाहिए. रुद्राक्ष की माला से गायत्री मंत्र का जाप करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. सफेद या लाल चंदन की माला से जाप करने से मन की शांति और एकाग्रता बढ़ती है. गायत्री मंत्र का जाप करने के लिए तुलसी की माला का उपयोग न करें.

गायत्री मंत्र जाप की सही विधि

  • गायत्री मंत्र का जाप करने से मन एकाग्र रहता है और मानसिक शांति मिलती है. इस मंत्र जाप का लाभ पाने के लिए आपको इसके जाप की सही विधि के बारे में जानना चाहिए.
  • गायत्री मंत्र का जाप सूर्योदय से थोड़ा पहले प्रारंभ करना चाहिए. इस मंत्र का जाप दोपहर में और सूर्यास्त से थोड़ा पहले शुरू कर सकते हैं.
  • गायत्री मंत्र का जाप करते समय आपका मुख उत्तर या पूर्व दिशा में हो. शारीरिक और मानसिक रूप से स्वच्छ होकर गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए.
  • कुश या ऊन के आसन का उपयोग गायत्री मंत्र के जाप के लिए करना चाहिए. ये दोनों नहीं हैं तो आप ऊनी कंबल बिछाकर आसन लगा सकते हैं.
  • एक माला में कम से कम 108 मनके होते हैं. आप गायत्री मंत्र का जाप 1 माला या उससे अधिक बार कर सकते हैं.
  • गायत्री मंत्र के जाप के लिए माला को दाहिने हाथ की मध्यमा और अनामिका अंगुली में रखें और हर मंत्र के साथ अंगूठे की मदद से माला को आगे बढ़ाएं. तर्जनी अंगुली से माला स्पश न हो, इसका ध्यान रखें.
  • मंत्र का उपांशु जाप होना चाहिए. इसमें आपके होठ हिलते हैं, लेकिन आवाज बाहर नहीं आती है. य​दि ऐसा न कर पाएं तो आप मानसिक जाप कर सकते हैं यानि अपने मन में ही मंत्र का जाप करें.
  • मंत्र जाप के समय माला को किसी कपड़े में ढककर रखना चाहिए, ताकि कोई उसे न देखे.

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कार्तिकेय तिवारीDeputy News Editor

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें

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