गर्मियों में कूलर रखने की सही दिशा क्या है? वास्तु एक्सपर्ट ने बताया पूरा नियम
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गर्मी में कूलर रखने की सही दिशा को लेकर वास्तु विशेषज्ञ बताते हैं कि कूलर को हमेशा वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम) में रखना सबसे शुभ माना जाता है, जबकि दक्षिण-पूर्व दिशा में रखने से नकारात्मकता और तनाव बढ़ सकता है. कूलर का पानी साफ रखें…हर 2 से 3 दिन में सफाई करें और फिटकरी डालें. खस इत्र से ठंडक और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.
फरीदाबाद: गर्मियों का मौसम आते ही लोगों के घरों में कूलर चलने शुरू हो जाते हैं. तेज धूप और गर्म हवाओं से राहत पाने के लिए हर कोई अपने घर में कूलर लगाता है लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि कूलर को किस दिशा में रखना सही माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर कूलर गलत दिशा में रखा जाए तो घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है. इसका असर घर की सुख-शांति और परिवार की खुशहाली पर भी पड़ता है. वहीं सही दिशा में रखा गया कूलर घर में ठंडक के साथ सकारात्मक माहौल भी बनाए रखता है. इतना ही नहीं कूलर के पानी में कुछ खास चीजें डालने से भी घर में शांति और खुशहाली बनी रहती है.
कौन सी दिशा में रखें कूलर
लोकल 18 से बातचीत करते हुए बल्लभगढ़ के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य ने बताते हैं कूलर हमेशा वायव्य कोण में रखना चाहिए. वायव्य कोण यानी उत्तर और पश्चिम दिशा के बीच का कोना… कूलर ठंडी हवा देता है और यह दिशा ठंडी ऊर्जा के लिए सबसे बेहतर मानी जाती है. अगर इस कोने में जगह न हो तो कूलर को उत्तर दिशा में भी रखा जा सकता है. लेकिन भूलकर भी कूलर को अग्नि कोण यानी दक्षिण-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए. ऐसा करने से घर में तनाव और नकारात्मकता बढ़ सकती है.
कूलर का संबंध राहु, केतु और चंद्रमा से
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य ने बताते हैं कूलर का संबंध राहु, केतु और चंद्रमा से माना जाता है. इसलिए कूलर का पानी हमेशा साफ रहना चाहिए. अगर पानी गंदा रहेगा तो घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है. साथ ही मच्छर और कीड़े भी पैदा होने लगते हैं जिससे बीमारियों का खतरा रहता है. हर दूसरे या तीसरे दिन कूलर की सफाई जरूर करें और पानी में थोड़ी फिटकरी डाल दें. इससे पानी साफ रहता है और बदबू भी नहीं आती. फिटकरी डालने से मक्खी-मच्छर भी कम बैठते हैं.
कूलर के पानी में डाले
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कूलर के पानी में खस का इत्र डालना भी काफी अच्छा माना जाता है. पुराने समय में राजा-महाराजा भी गर्मियों में खस का इस्तेमाल करते थे. महलों की दीवारों और पर्दों में खस लगाया जाता था, ताकि ठंडक बनी रहे. खस की खुशबू मन को शांति देती है और घर का माहौल भी अच्छा बना रहता है. अगर लोग इन छोटे-छोटे वास्तु नियमों का ध्यान रखें तो घर में सुख-शांति बनी रहती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. साथ ही परिवार में खुशहाली और बरकत भी बनी रहती है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


