आखिर शादियों के लिए क्यों फेमस है त्रियुगीनारायण मंदिर? लगातार जल रही है अखंड ज्योति, जानिए वजह और मान्यता

आखिर शादियों के लिए क्यों फेमस है त्रियुगीनारायण मंदिर? लगातार जल रही है अखंड ज्योति, जानिए वजह और मान्यता

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Triyuginarayan Temple: आजकल विवाह का माहौल चल रहा है, लोग डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए कई जगह जाते हैं लेकिन आजकल एक नया ट्रेंड शुरू हो रहा है. यह ट्रेंड है त्रियुगीनारायण मंदिर में शादी करना. इस मंदिर का संबंध भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह से भी जुड़ा हुआ था. साथ ही इस मंदिर में एक अखंड ज्योति जल रही है. आइए जानते हैं इस मंदिर की खास बातें…

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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारघाटी के खूबसूरत इलाके में स्थित त्रियुगीनारायण मंदिर शादियों के लिए काफी प्रसिद्ध है. इस मंदिर की पौराणिक कथाएं और धार्मिक महत्व इसे और भी खास बनाते हैं. इसे भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह स्थल माना जाता है. कहा जाता है कि त्रेता युग में यही वह जगह थी, जहां भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इस खास मौके पर भगवान विष्णु ने इस दिव्य विवाह में पार्वती के भ्राता का कर्तव्य निभाया था, जबकि ब्रह्मा इस विवाहयज्ञ के पुरोहित बने थे. इस वजह से यह मंदिर अब हर शादी या वैवाहिक जीवन के लिए शुभ माना जाता है. इस मंदिर में दर्शन करने मात्र से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और सभी कार्य आसानी से संपन्न हो जाते हैं.

मंदिर में जलती है अखंड ज्योति
मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है यहां की अखंड ज्योति. कहा जाता है कि यह ज्योति उसी समय से लगातार जल रही है, जब भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इसी वजह से इसे अखंड धूनी भी कहा जाता है. लोग मानते हैं कि अखंड धूनी के फेरे लेने और इसकी राख को अपने साथ ले जाने से वैवाहिक जीवन सुखमय और मजबूत बनता है. मंदिर के सामने ब्रह्मशिला को दिव्य विवाह का वास्तविक स्थल माना जाता है.

मंदिर की वास्तुकला भी आकर्षक
कई भक्त तो यहां आकर शादी की खुशियों और वैवाहिक सुख की कामना के लिए हवन करते हैं और आशीर्वाद लेते हैं. इसके अलावा, मंदिर की वास्तुकला भी आकर्षक है. प्राचीन शैली में बना यह मंदिर हर किसी को अपनी ओर खींचता है. पत्थरों और लकड़ी की नक्काशी इसे और भी सुंदर बनाती है. मंदिर का शांत वातावरण और पवित्र माहौल इसे शादी के लिए और भी उपयुक्त बनाता है. कई लोग यह मानते हैं कि जो दंपत्ति यहां शादी करते हैं, उनके रिश्ते में प्यार, समझ और समर्पण बढ़ता है.

भक्तों की मान्यता
त्रिजुगी नारायण शब्द तीन शब्दों त्र से बना है, जिसका अर्थ है तीन, युगी काल का प्रतीक है – युग और नारायण भगवान विष्णु का दूसरा नाम है. यह पवित्र स्थल पर भक्त सिर्फ शादी करने ही नहीं, बल्कि वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और समृद्धि के लिए दर्शन करने भी आते हैं. यहां आने वाले लोग अखंड ज्योति को देखकर भगवान से आशीर्वाद मांगते हैं. भक्तों की मान्यता है कि अगर कोई इस मंदिर में आकर भगवान शिव और माता पार्वती से आशीर्वाद लेता है, तो उसका वैवाहिक जीवन खुशहाल रहता है.

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Parag Sharma

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें

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