Vishwakarma Puja Vidhi 2025: 6 शुभ संयोग में विश्वकर्मा पूजा आज, इस विधि से करें पूजन, जानें सामग्री, मुहूर्त, मंत्र, भोग
कौन हैं भगवान विश्वकर्मा?
भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का प्रथम शिल्पकार, अभियंता और वास्तुकार कहा जाता है. मान्यताओं के अनुसार, विश्वकर्मा जी ने सृष्टि का पहला मानचित्र बनाया था. उन्होंने स्वर्गलोक, यमपुरी, कुबेर की अलका पुरी, द्वारका नगरी, सोने की लंका नगरी का निर्माण किया था. भगवान विश्वकर्मा ने भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र, भगवान शिव का त्रिशूल, इंद्र का वज्र समेत अनेक दिव्य अस्त्र-शस्त्र बनाए थे. उन्होंने कई देवालय, महल, दिव्य रथ आदि भी बनाए थे.
विश्वकर्मा पूजा सामग्री
विश्वकर्मा पूजा मंत्र
1. ॐ विश्वकर्मणे नमः
2. ॐ आधार शक्तपे नम:
3. ॐ श्री विश्वकर्माय नमः
4. ॐ कूमयि नम:
5. ॐ अनन्तम नम:
6. ॐ पृथिव्यै नम:
विश्वकर्मा पूजा मुहूर्त
इन तीनों मुहूर्त में आप किसी भी समय पूजा कर लें. राहुकाल 12:15 पी एम से 01:47 पी एम तक है, इसमें पूजा वर्जित है. शाम में लाभ-उन्नति मुहूर्त 04:52 पी एम से 06:24 पी एम तक है.
भगवान विश्वकर्मा के प्रिय भोग
विश्वकर्मा पूजा विधि
1. विश्वकर्मा पूजा को प्रात:काल में स्नान कर लें. उसके बाद आप दुकान, फैक्ट्री, वाहन आदि की साफ सफाई कर लें.
3. इसके बाद विश्वकर्मा जी की पूजा अक्षत्, धूप, दीप, चंदन, फूल, माला आदि अर्पित करके करें. उनको भोग अर्पित करें. इस दौरान विश्वकर्मा जी के मंत्र का उच्चारण करें.
5. अंत में भगवन विश्वकर्मा से प्रार्थना करें कि आपका काम बिना विघ्न और बाधाओं के उन्नति करे. कार्य सफलदायक हों.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)


