Vastu Tips: क्या पश्चिम मुखी घर अशुभ होता है? जानें वास्तु नियम और पॉजिटिव एनर्जी बढ़ाने के टिप्स, जानें एक्सपर्ट से
पश्चिम मुखी घर के बारे में गलतफहमियां
अक्सर लोग सोचते हैं कि पश्चिम मुखी घर में रहना अशुभ होता है, लेकिन यह सच नहीं है, अगर वास्तु के अनुसार घर की प्लानिंग की जाए, तो यह दिशा भी उतनी ही शुभ है जितनी बाकी दिशाएं. फर्क बस इतना है कि इसमें कुछ खास पॉइंट्स पर ध्यान देना पड़ता है, जैसे दरवाजे की जगह, कमरों का लेआउट और रोशनी का प्रबंध.
वास्तु के अनुसार, पश्चिम मुखी प्लॉट पर मुख्य द्वार को तीसरे या चौथे भाग में बनाना सबसे अच्छा माना जाता है. उत्तर-पश्चिम कोने के पास दरवाजा बनवाना शुभ होता है. दक्षिण-पश्चिम में दरवाजा बनाने से बचना चाहिए, क्योंकि इस दिशा से घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश कर सकती है. दरवाजे के पास साफ-सफाई, रोशनी और सजावट का ध्यान रखना भी जरूरी है, ताकि पॉजिटिव वाइब्स अंदर आएं.
पश्चिम मुखी घर में ड्रॉइंग रूम को घर के उत्तर-पश्चिम या पश्चिम दिशा में रखना अच्छा माना जाता है. फर्नीचर को पश्चिम दिशा की दीवार के साथ लगाएं और भारी सामान को दक्षिण-पश्चिम हिस्से में रखें. इससे संतुलन बना रहता है और नेगेटिव एनर्जी घर में नहीं टिक पाती. दीवारों पर हल्के रंग और खुली खिड़कियां रखने से घर में ताजगी और रोशनी बनी रहती है.
सीढ़ियों का वास्तु
आपके घर में सीढ़ियां हैं, तो उन्हें क्लॉकवाइज (घड़ी की सुई की दिशा में) बनवाएं. पश्चिम मुखी घर में सीढ़ियां दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना अच्छा माना जाता है. सीढ़ियों का रंग हल्का और डिजाइन खुला होना चाहिए, ताकि रोशनी अंदर तक पहुंच सके.
पूजा स्थान और किचन
पश्चिम मुखी घर में पूजा स्थान को उत्तर-पूर्व दिशा में रखना सबसे अच्छा होता है. वहीं, किचन को दक्षिण-पूर्व दिशा में बनाना शुभ माना गया है, अगर यह संभव न हो, तो किचन को उत्तर-पश्चिम में भी रखा जा सकता है, लेकिन गैस चूल्हा हमेशा पूर्व दिशा की ओर मुंह करके होना चाहिए.
नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के उपाय
1. दरवाजे के पास पीतल या तांबे का घंटा लगाएं.
2. घर में समय-समय पर गंगाजल का छिड़काव करें.
3. पश्चिम दिशा की दीवार पर सूरज की तस्वीर लगाएं.
4. घर में पर्याप्त रोशनी रखें, खासकर मुख्य द्वार पर.


