Tulsi Mantra on Janmashtami: कृष्ण जन्माष्टमी पर तुलसी मंत्र का करें जप, मां लक्ष्मी की होगी कृपा, धन-लाभ के बनेंगे योग!

Tulsi Mantra on Janmashtami: कृष्ण जन्माष्टमी पर तुलसी मंत्र का करें जप, मां लक्ष्मी की होगी कृपा, धन-लाभ के बनेंगे योग!

Tulsi Mantra on Janmashtami 2025: कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियों के साथ ही आज व्रत शुरू हो गया है. हर गली-मोहल्ले और चौक चौराहों पर कृष्ण नाम की धुन सुनाई पड़ रही है. भक्त पूरे उत्साह में दिख रहे हैं. बता दें कि, भादो माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है. इस दिन लड्डू गोपाल की पूजा होती है. लेकिन, आपको बता दें कि, जमाष्टमी के दिन तुलसी पूजन का भी विधान है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जगत के पालनहार भगवान विष्णु को तुलसी का पौधा बेहद प्रिय है. जन्माष्टमी पर इस पौधे की पूजा-अर्चना करने से धन-लाभ के योग बनते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है. अगर आप भी जन्माष्टमी पर शुभ प्राप्ति चाहते हैं, तो पूजा के समय तुलसी स्तुति और मंत्रों का जप करें. अब सवाल है कि आखिर जन्माष्टमी का शुभ समय क्या है? जन्माष्टमी पर तुलसी पूजा के लाभ क्या हैं? क्या हैं तुलसी मंत्र और पूजा विधि? आइए जानते हैं इस बारे में-

जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त

  • भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि का शुभारंभ: 15 अगस्त, रात 11:49 बजे से
  • भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि की समाप्ति: 16 अगस्त, रात 9:34 बजे पर
  • जन्मोत्सव मुहूर्त देर रात 12 बजकर 04 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक
  • जन्माष्टमी पर तुलसी पूजा के लाभ

    ज्योतिष विदों की मानें तो, जन्माष्टमी के दिन तुलसी पूजा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है. घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है. हमेशा ही सकारात्मक ऊर्जा वास होता है और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है.

    तुलसी स्तुति मंत्र

    देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः

    नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये..

    तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी.

    धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया..

    लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्.

    तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया..

    तुलसी ध्यान मंत्र

    तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी.

    धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया..

    लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्.

    तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया..

    तुलसी नामाष्टक मंत्र

    वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी.

    पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी..

    एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम.

    य: पठेत तांसम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता..

    तुलसी पूजन मंत्र

    तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी.

    धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया..

    लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्.

    तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया..

    तुलसी नामाष्टक मंत्र

    वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी.

    पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी..

    एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम.

    य: पठेत तांसम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता..

    भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र

    – ॐ कृष्णाय नमः

    – हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे . हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ..

    – ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः

    – ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात

    – ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे. सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि..

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