Shardiya navratri 2025 Day 3: 2 शुभ योग में नवरात्रि का तीसरा दिन आज, जानें मां चंद्रघंटा पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र, आरती
शारदीय नवरात्रि तीसरे दिन का मुहूर्त
आश्विन शुक्ल तृतीया तिथि का प्रारंभ: आज, 04:51 ए एम से
आश्विन शुक्ल तृतीया तिथि का समापन: कल, 07:06 ए एम तक
ब्रह्म मुहूर्त: 04:35 ए एम से 05:23 ए एम
निशिता मुहूर्त: 11:49 पी एम से देर रात 12:37 ए एम तक
इन्द्र योग: आज, प्रात:काल से लेकर 09:03 पी एम तक
रवि योग: 04:16 पी एम से कल 06:11 ए एम तक
मां चंद्रघंटा का स्वरूप
मां चंद्रघंटा की पूजा का मंत्र
प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥
पूजा मंत्र: ओम देवी चन्द्रघण्टायै नमः
स्तुति मंत्र: या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
मां चंद्रघंटा की पूजा विधि
मां चंद्रघंटा की आरती
पूर्ण कीजो मेरे सभी काम।
चंद्र समान तुम शीतल दाती।
चंद्र तेज किरणों में समाती।
मीठे बोल सिखाने वाली।
मन की मालिक मन भाती हो।
चंद्र घंटा तुम वरदाती हो।
हर संकट मे बचाने वाली।
हर बुधवार जो तुझे ध्याये।
श्रद्धा सहित जो विनय सुनाए।
सन्मुख घी की ज्योति जलाएं।
शीश झुका कहे मन की बात।
पूर्ण आस करो जगदाता।
करनाटिका में मान तुम्हारा।
नाम तेरा रटूं महारानी।
भक्त की रक्षा करो भवानी।
मां चंद्रघंटा की पूजा के फायदे
नवरात्रि में मां चंद्रघंटा की पूजा करने से साहस और पराक्रम बढ़ता है, शत्रुओं पर विजय मिलती है. दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है. शादीशुदा जीवन की समस्याएं खत्म होती है. जिनकी शादी में देरी हो रही है, उनके लिए विवाह का योग बनता है. देवी के आशीर्वाद से व्यक्ति के यश और कीर्ति में बढ़ोत्तरी होती है. जीवन के अंत में मोक्ष भी मिलता है.


