Ram Mandir Dhwajarohan 2025: आज शाम से ही आम भक्तों के लिए बंद हो जाएंगे रामलला के दर्शन, जानें भक्तजन अब कब करेंगे दर्शन
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Ram Mandir Dhwajarohan 2025: विवाह पंचमी के मौके पर अयोध्या के रामलला मंदिर के शिखर पर दिव्य धर्म ध्वज लहराया जाएगा. इस वजह से रामलला के दर्शन आज शाम से ही आमजन के लिए बंद कर दिए जाएंगे और फिर कल पूरे दिन कार्यक्रम होगा. इस मौके पर पूरी अयोध्या को सजाया गया है. शिखर पर लगा ध्वज भगवान की उपस्थिति का संकेत देता है. आइए जानते हैं आमजन कब कर पाएंगे रामलला के दर्शन…
Ram Mandir Flag Ceremony 2025: मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को अयोध्या के रामलला मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ध्वाजारोहण किया जाएगा. इस तिथि भगवान राम और माता जानकी का विवाह हुआ था इसलिए शुभ तिथि को विवाह पंचमी के नाम से जाना जाता है. ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों के चलते सोमवार शाम से राम मंदिर में राम लला के दर्शन भक्तों के लिए बंद रहेंगे. मंदिर के अधिकारियों ने भक्तों को सलाह दी है कि वे अपने आने का प्लान उसी हिसाब से बनाएं, क्योंकि समारोह पूरा होने तक मंदिर बंद रहेगा. आइए जानते हैं अब कब आम भक्तों के लिए खुलेंगे रामलला के कपाट…

अयोध्या पूरी तरह तैयार – ध्वजारोहण समारोह को देखते हुए अयोध्या की सड़कों को लाइट और बैनर से सजाया जा रहा है. शहर के खास पॉइंट्स पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. मंदिर परिसर के आसपास का स्पिरिचुअल माहौल जश्न की गहरी भावना दिखाता है. आध्यात्मिक गुरुओं ने इस कार्यक्रम के महत्व पर जोर दिया है. तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगत गुरु परमहंस आचार्य जी महाराज ने कहा कि इस समारोह का सभ्यता के लिए बहुत महत्व है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी युगपुरुष हैं. उन्होंने न सिर्फ अयोध्या की खूबसूरती बढ़ाई है, बल्कि उसे त्रेता युग जैसा रूप दिया है. आज जो लोग आते हैं, वे बदलाव को साफ महसूस कर सकते हैं. वेदों और पुराणों में जिस तरह अयोध्या धाम का वर्णन किया गया है, वह फिर से हकीकत बन रहा है.

26 नवंबर से शुरू होंगे दर्शन – ट्रस्ट द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 24 नवंबर की शाम से ही रामलला के गर्भगृह के दर्शन आम भक्तों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिए जाएंगे. 25 नवंबर को ध्वाजारोहण की वजह से केवल वीआईपी लोगों के लिए रामलला के दर्शन होंगे. आम भक्तजन फिर से 26 नवंबर दिन बुधवार से रामलला के दर्शन कर सकेंगे. 25 नवंबर को होने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन का सीधा प्रसारण दूरदर्शन पर किया जाएगा, जिसे देशभर के श्रद्धालु अपने घरों में बैठकर दर्शन कर सकते हैं.
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दिव्य धर्म ध्वज का महत्व – मंदिर पर सनातन धर्म का ध्वज लगाना अत्यंत पवित्र कार्य माना गया है और इसी के बाद मंदिर संपूर्ण माना जा है. मंदिर पर लगाया जाने वाला ध्वज केवल सजावट नहीं बल्कि शुभ-शक्तियों का आह्वान, नकारात्मक शक्तियों का निरसन और ग्रहों की शांति का सूचक माना गया है. मंदिर का ध्वज जब दिखता है तो यह संकेत मिलता है कि यहां देवी-देवता की चेतना सक्रिय है. शिखर पर लगा ध्वज भगवान की उपस्थिति का संकेत देता है और भक्त ध्वज को देखकर ही दर्शन कर सकते हैं. शिखर पर लगा ध्वज जहां तक दिखता है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है.


