Janmashtami Puja Vidhi: घर पर रात 12 बजे इस तरह करें कान्हाजी का पूजन, जानें संपूर्ण पूजा विधि मंत्र सहित

Janmashtami Puja Vidhi: घर पर रात 12 बजे इस तरह करें कान्हाजी का पूजन, जानें संपूर्ण पूजा विधि मंत्र सहित

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Janmashtami Puja Vidhi : अब से कुछ ही देर में भगवान विष्णु के आठवें अवतार कान्हाजी का अवतरण होने वाला है. ऐसे में अगर आप घर पर ही पूजा अर्चना कर रहे हैं तो इस विधि और मंत्र के साथ आप पूजा अर्चना कर सकते हैं. आइ…और पढ़ें

घर पर रात 12 बजे इस तरह करें कान्हाजी का पूजन, जानें संपूर्ण पूजा विधि
देशभर में आज धूमधाम से जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है और अब से कुछ समय बाद मध्यरात्रि यानी रात के 12 बजे कान्हाजी का जन्म होगा. ज्योतिष और पुराणों में जन्माष्टमी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है. यह भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण का दिन है, जब उन्होंने अधर्म का नाश और धर्म की स्थापना के लिए जन्म लिया था. इस दिन उपवास व रात्रि जागरण करने से समस्त पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. साथ ही व्यक्ति जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है और बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है. इस आर्टिकल में हम आपको संपूर्ण जन्माष्टमी की पूजा विधि बताने जा रहे हैं. अगर आप घर पर ही पूजा कर रहे हैं तो इस विधि से कान्हा की पूजा अर्चना कर सकते हैं.

जन्माष्टमी व्रत की संपूर्ण पूजा विधि (मंत्र सहित)
जैसे ही बारह बजे श्रीकृष्ण जन्म का समय हो, शंख, घंटा-घड़ियाल बजाकर जयकार करें. नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की… नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की… अब खीरे से गोपालजी को निकाल लें और परिवार के साथ जयकारे लगाते रहें क्योंकि आपके घर पर स्वयं भगवान विष्णु के आठवें अवतार ने जन्म लिया है. अब श्रीकृष्ण जन्म मंत्र जपें ‘ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नः कृष्णः प्रचोदयात्॥’

अब एक परात में लड्डू गोपाल को रख लें और दूध, दही, घी, शहद, शक्कर यानी पंचामृत से अभिषेक करवाएं. अब गंगाजल से स्नान करवाएं. इसके बाद पानी से स्नान करवाएं. अब नई पोशाक पहनाएं. लड्डू गोपाल को धीरे धीरे ही कपड़े पहनाएं क्योंकि कान्हा अभी छोटा सा बच्चा ही है. जैसे पहले दिन के बच्चे के साथ सुरक्षा का ध्यान दिया जाता है, उसी प्रकार लड्डू गोपाल का भी ध्यान रखें. पोशाक के बाद चंदन लगाएं, मोरपंख लगाएं, तुलसी की माला पहनाएं और आभूषण से सजाएं. साथ ही ध्यान रखें कि आपको नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की… नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की… बोलते रहना है.

लड्डू गोपाल का पूर्ण श्रृंगार करने के बाद बाल गोपाल को झूले में विराजमान करें और धीरे धीरे झुलाएं. अब कान्हा का माखन-मिश्री, फल, पंजीरी में तुलसी दल डालकर भोग लगाएं. इस समय मन को एकाग्र रखकर भगवान का नाम जपें. कपूर या घी का दीप जलाकर आरती करें. पूजा के बाद कान्हा को झूला झुलाते समय संकल्प करें कि जीवन से पाप, दुख और संकट दूर हों. अंत में श्रीकृष्ण से प्रार्थना करें, हे प्रभु हे गोपाल, जैसे आप गोकुलवासियों के जीवन में आनंद लाए, वैसे ही हमारे जीवन को भी सुख-समृद्धि और प्रेम से भर दीजिए.

कृष्ण जन्म मंत्र
ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नः कृष्णः प्रचोदयात्॥
तुलसी की माला से 108 बार जप करें.

जन्माष्टमी पर पंचामृत स्नान का मंत्र
पंचामृतं मयाआनीतं पयोदधि घृतं मधु, शर्करा च समायुक्तं स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम्.
ॐ भूर्भुवः स्वः गणेशाम्बिकाभ्यां नमः, पंचामृतस्नानं समर्पयामि.

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ राधा-कृष्णाय नमः

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Parag Sharma

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें

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