सावन में क्या घर में शिवलिंग की स्थापना कर सकते हैं? जानें इसकी विधि और पूजा के नियम

सावन में क्या घर में शिवलिंग की स्थापना कर सकते हैं? जानें इसकी विधि और पूजा के नियम

Ghar Me Shivling: सावन का महीना भगवान शिव की पूजा और भक्ति का है. इस माह में आप शिव पूजा करके अपने शुभ इच्छाओं की पूर्ति कर सकते हैं. शिव भक्त महादेव की कृपा पाने के लिए विशेष व्रत, पूजा-अर्चना करते हैं. कुछ लोग अपने घरों में शिवलिंग की स्थापना करते हैं. क्या घर में शिवलिंग की स्थापना कर सकते हैं? इसकी विधि और पूजा के नियम क्या होते हैं? हां, घर में शिवलिंग स्थापना होती है, लेकिन वह मंदिर के शिवलिंग से भिन्न होता है. मंदिर जैसा शिवलिंग घर में स्थापित नहीं करते हैं. मंदिरों में बड़े शिवलिंग की स्थापना होती है, लेकिन घर में शिवलिंग की स्थापना के अलग नियम होते हैं.

घर में शिवलिंग स्थापित करने का सही तरीका क्या है?

  1. यदि आपको अपने घर में शिवलिंग स्थापित करना है तो सावन माह शुरू होने वाला है. सावन में शिवलिंग स्थापित करना शुभ माना जाता है. सावन के अलावा भी अन्य महीनों में शिवलिंग स्थापित कर सकते हैं.
  2. घर में छोटे आकार का शिवलिंग स्थापित करना चाहिए. उस शिवलिंग का आकार हाथ के अंगूठे के जैसा हो चाहिए यानि वह शिवलिंग 2 से 4 इंच का होना चाहिए. इससे बड़ा शिवलिंग घर में नहीं रखना चाहिए.
  3. घर में स्थापना के लिए आप नर्मदेश्वर शिवलिंग ले सकते हैं. यह नर्मदा नदी से प्राप्त शिवलिंग होता है. यह में स्थापना के लिए सबसे अच्छा माना जाता है.
  4. इसके अलावा आप पारद या स्फटिक के शिवलिंग की स्थापना कर सकते हैं. कुछ लोग पीतल या तांबे से बने शिवलिंग को भी घर में रखते हैं.
  5. यदि आपके पास समय हो तो प्रतिदिन मिट्टी का शिवलिंग बनाकर पूजा करें और उसका विसर्जन कर दें. उसे पार्थिव शिवलिंग कहा जाता है. यह भी उत्तम है. पार्थिव शिवलिंग पीली मिट्टी या भस्म से बना सकते हैं.

शिवलिंग स्थापना विधि

अपने घर के पूजा स्थान पर शिवलिंग की स्थापना करने से पूर्व छोटा शिवलिंग, तांबे, पीतल या चांदी की प्लेट, गंगाजल, कच्चा दूध, दही, शहद, देसी घी, शक्कर, चंदन, बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, अक्षत, धूप, दीप, फूल, माता पार्वती, गणेश जी, कार्तिकेय जी और नंदी की मूर्ति आदि की व्यवस्था कर लें.

स्वयं के स्नान के बाद पूजा स्थान को अच्छे से साफ करें. गंगाजल छिड़कर उसे पवित्र करें. फिर पूजा घर के ईशान कोण या यानि उत्तर-पूर्व दिशा में तांबे, पीतल या चांदी की प्लेट रखें. उस पर आप शिवलिंग की स्थापना करें. शिवलिंग की जलाधारी उत्तर दिशा की ओर हो. शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करें, फिर पंचामृत से अभिषेक करें. उसके बाद फिर गंगाजल अर्पित करें. शिवलिंग को कपड़े से पोंछकर साफ करें. चंदन, फूल, माला आदि से शिवजी का श्रृंगार करें. शिवलिंग के पास शिव परिवार को रखें.

अक्षत्, चंदन, फूल, बेलपत्र, भांग, धतूरा, धूप, दीप, आदि अर्पित करके पूजा करें. ओम नम:​ शिवाय मंत्र का उच्चारण करें. फल, शहद, मिठाई, खीर आदि का भोग लगाएं. शिव चालीसा का पाठ करें. घी का एक दीपक जलाएं और आरती करें. शिवलिंग स्थापना के बाद प्रार्थना करें कि हे महादेव! आप हमारे घर में निवास करें और हम पर अपकी कृपा दृष्टि बनाए रखें.

शिवलिंग स्थापना के लिए कौन सा दिन शुभ होता है?

घर में शिवलिंग की स्थापना महाशिवरात्रि या सावन सोमवार के दिन हो तो बहुत उत्तम है. इसके अलावा आप किसी भी माह की शिवरात्रि, प्रदोष व्रत, सावन शिवरात्रि, सावन प्रदोष, सोमवार के दिन घर में शिवलिंग स्थापना कर सकते हैं.

घर में शिवलिंग रखने के बाद किन नियमों का पालन करना चाहिए?

  • एक बार जब घर में शिवलिंग की स्थापना हो जाती है तो आपको प्रतिदिन नियमपूर्वक पूजा करनी होगी.
  • हर दिन आपको शिवलिंग का जलाभिषेक करना होगा. जहां पर शिवलिंग की स्थापना की है, वहां साफ-सफाई की विशेष ध्यान रखें.
  • प्रतिदिन आप सुबह और शाम के समय शिवलिंग के पास दीपक जलाएं और आरती करें.
  • शिव पूजा में आप शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते, सिंदूर, रोली, केतकी के फूल, नारियल आदि न चढ़ाएं. ये सभी चीजें शिव पूजा में वर्जित हैं.

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