पहले सावन सोमवार पर जल चढ़ाने का मुहूर्त क्या है? जानें जलाभिषेक का महत्व
पहले सावन सोमवार पर जल चढ़ाने का मुहूर्त क्या है? जानें जलाभिषेक का महत्व
Last Updated:
Pehla Sawan Somwar 2026 Jal Chadhane Ka Samay: इस साल सावन का शुभारंभ 30 जुलाई से हो रहा है. श्रावण मास के सावन सोमवार का विशेष महत्व होता है. इस दिन शिवजी का जलाभिषेक करने से आपके कष्ट दूर होंगे और मनोकामनाएं पूरी होंगी. आइए जानते हैं पहले सावन सोमवार पर जलाभिषेक का मुहूर्त क्या है?
पहला सावन सोमवार 2026 जलाभिषेक मुहूर्त. (Photo: AI)
पहला सावन सोमवार 2026 तारीख
पहला सावन सोमवार 2026 मुहूर्त
पहले सावन सोमवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:19 ए एम से लेकर 05:01 ए एम तक है. उस दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 पी एम से लेकर दोपहर 12:54 पी एम तक रहेगा. इस दिन का निशिता मुहूर्त देर रात 12:06 ए एम से लेकर 12:49 ए एम तक रहेगा.
पहला सावन सोमवार 2026 जलाभिषेक मुहूर्त
वैसे तो भगवान शिव की पूजा का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता है. वे एक मात्र ऐसे भगवान हैं, जिनकी पूजा के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती है क्योंकि वे स्वयं महाकाल हैं, जो काल से परे हैं. पहले सावन सोमवार को रात से ही भक्त जलाभिषेक के लिए पंक्ति में लग जाते हैं. ब्रह्म मुहूर्त से जलाभिषेक शुरू हो जाता है.
वैसे जानने के लिए आपको बता दें कि पहले सावन सोमवार पर आपको जलाभिषेक करना है तो आप अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 05:44 ए एम से सुबह 07:24 ए एम के बीच कर सकते हैं. इसके अलावा आप शुभ-उत्तम मुहूर्त में सुबह 09:05 ए एम से लेकर सुबह 10:46 ए एम के बीच कर सकते हैं.
जलाभिषेक का महत्व
जलाभिषेक आप किसी भी दिन कर सकते हैं, लेकिन सावन माह में जलाभिषेक का विशेष महत्व होता है, वो भी सावन सोमवार का दिन तो अत्यंत ही शुभ फलदायी होता है. शिवजी ने जब विषपान किया था तो उन पर उसका अशुभ प्रभाव होने लगा, तो माता पार्वती और अन्य देवी-देवताओं ने उनका जलाभिषेक किया. इससे विष का प्रभाव दूर हुआ. तब से शिवजी को जलाभिषेक किया जाता है और वे प्रसन्न होते हैं. इसलिए सावन में जलाभिषेक करने से शिव कृपा प्राप्त होती है और आपकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं.
About the Author
.jpg?impolicy=website&width=52&height=52)
कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें


