फ्लैट में वास्तु दोष से हैं परेशान? ये 4 आसान उपाय बदल सकते हैं घर का माहौल
Last Updated:
Vastu Tips: फ्लैट में है वास्तु दोष? तोड़फोड़ की नहीं, सिर्फ इन आसान उपायों की जरूरत. गैस और सिंक के बीच रखें लकड़ी का पार्टिशन, बेड के सामने लगे शीशे पर पर्दा डालें, मुख्य द्वार पर स्वास्तिक लगाएं और ईशान कोण के बाथरूम में सेंधा नमक रखें. जानिए महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के आसान वास्तु टिप्स.
फरीदाबाद: आजकल ज्यादातर लोग फ्लैट में रहते हैं. ऐसे में घर बनाते समय हर चीज वास्तु के हिसाब से हो, यह संभव नहीं होता. कई बार किचन, बाथरूम, बेडरूम या मुख्य दरवाजे की दिशा वास्तु के अनुसार नहीं होती, जिससे लोग परेशान हो जाते हैं. लेकिन राहत की बात यह है कि ऐसे कई छोटे-छोटे उपाय हैं जिन्हें अपनाकर बिना किसी तोड़फोड़ के भी वास्तु दोष को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
किचन पर दें ध्यान
Local18 से बातचीत में महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं सबसे पहले किचन पर ध्यान देना चाहिए. महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं यदि गैस चूल्हा और सिंक बिल्कुल पास-पास बने हैं तो उनके बीच लकड़ी का छोटा-सा पार्टिशन लगा दें या फिर कोई छोटा फूलों का गमला रख दें. अग्नि और जल का एक साथ होना वास्तु के अनुसार ठीक नहीं माना जाता. फ्लैट में जगह कम होने के कारण इन्हें अलग करना संभव नहीं होता इसलिए यह आसान उपाय किया जा सकता है.
बेडरूम से वास्तु दोष कैसे दूर करें
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं बेडरूम में अगर बिस्तर के सामने शीशा लगा है, तो उसे हटाने की जरूरत नहीं है. शीशे पर छोटा-सा पर्दा लगा दें. बताते हैं कि इससे वास्तु दोष कम हो जाता है. साथ ही बताते हैं कि बीम के नीचे बिस्तर नहीं होना चाहिए. बिस्तर पर बैठकर भोजन करने से भी बचना चाहिए. जब सोने का समय हो तभी बिस्तर पर जाएं और बेवजह लंबे समय तक बिस्तर पर न रहें.
मुख्य द्वार पर लगाएं स्वास्तिक का चिन्ह
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कई फ्लैटों में मुख्य दरवाजे के ठीक सामने सीढ़ियां या लिफ्ट होती है, जिसे भी वास्तु दोष माना जाता है. इसके लिए मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिन्ह लगा देना चाहिए. बाजार में तैयार स्वास्तिक आसानी से मिल जाता है. मुख्य दरवाजे पर स्वास्तिक लगाने से इस दोष का प्रभाव कम हो जाता है.
बाथरूम का वास्तु दोष कैसे दूर करें
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं यदि फ्लैट में ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में बाथरूम बना हुआ है तो एक कटोरी में सेंधा नमक रख दें. 10 से 15 दिन के भीतर उस नमक को बदलते रहना चाहिए. इससे ईशान कोण में बने बाथरूम का वास्तु दोष कम होता है और घर में सुख-शांति…सकारात्मक ऊर्जा तथा धन-धान्य का वास बना रहता है. वास्तु के अनुसार बाथरूम दक्षिण या पश्चिम दिशा में होना सबसे उपयुक्त माना जाता है.
About the Author
विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


