घर में रखी ये चीजें बन सकती हैं दुर्भाग्य की वजह, तुरंत करें बाहर
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घर में लंबे समय से पड़ा टूटा-फूटा या अनुपयोगी सामान नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है. उन्होंने कहा कि बंद पड़ी घड़ियां, टूटे जूते-चप्पल, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान और बेकार वस्तुएं घर के वातावरण को प्रभावित करती हैं. ऐसे सामान को समय-समय पर घर से बाहर कर देना चाहिए, ताकि सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहे.
अंबाला: कई बार व्यक्ति दिन-रात मेहनत करता है, लेकिन फिर भी उसे सफलता नहीं मिलती है. दरअसल कारोबार में नुकसान, नौकरी में बाधाएं, आर्थिक तंगी और घर में लगातार तनाव जैसी समस्याएं बनी रहती हैं. बता दें कि ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार कई बार इसकी वजह केवल ग्रहों की स्थिति नहीं होती, बल्कि घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा और हमारी रोजमर्रा की कुछ अनदेखी आदतें भी इसके लिए जिम्मेदार मानी जाती हैं. ऐसे में यदि समय रहते इन गलतियों को सुधारा जाए तो जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना बढ़ सकती है.
वहीं इस बारे में लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी ने बताया कि घर में लंबे समय से पड़ा टूटा-फूटा या अनुपयोगी सामान नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है. उन्होंने कहा कि बंद पड़ी घड़ियां, टूटे जूते-चप्पल, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान और बेकार वस्तुएं घर के वातावरण को प्रभावित करती हैं.
ऐसे सामान को समय-समय पर घर से बाहर कर देना चाहिए, ताकि सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहे.उन्होंने बताया कि कई लोग अनजाने में घर के मंदिर में खंडित देवी-देवताओं की मूर्तियां भी रखे रहते हैं, जिसे शास्त्रों में शुभ नहीं माना गया है. ऐसी मूर्तियों को विधि-विधान के साथ क्षमा-याचना कर किसी स्वच्छ नदी या जलाशय में विसर्जित कर देना चाहिए.इससे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दोष से बचाव होता है और घर में शुभता बनी रहती है.
प्रतिदिन अपने इष्ट देव की श्रद्धापूर्वक पूजा करनी चाहिए
वहीं पंडित दीपलाल जयपुरी के अनुसार केवल घर की साफ-सफाई ही नहीं, बल्कि नियमित पूजा-पाठ भी जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन सकता है. प्रतिदिन अपने इष्ट देव की श्रद्धापूर्वक पूजा करनी चाहिए, विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की आराधना करने से बाधाएं दूर होने और रुके हुए कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है. इसके साथ ही गायत्री मंत्र का नियमित जाप करने से मानसिक शांति और घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है.
सूर्य देव को जल अर्पित करते हुए “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप
उन्होंने बताया कि सुबह स्नान के बाद तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल अर्पित करते हुए “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करना भी शुभ माना गया है.धार्मिक मान्यता है कि सूर्य उपासना से आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति मिलती है.ज्योतिषाचार्य का कहना है कि व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता भी करते रहना चाहिए.अच्छे कर्म व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक फल लेकर आते हैं और ईश्वर की कृपा प्राप्त करने का माध्यम बनते हैं.
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये सभी उपाय धार्मिक आस्था और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं और सफलता के लिए कर्म, अनुशासन और सकारात्मक सोच भी उतनी ही जरूरी है. जब व्यक्ति सही कर्मों के साथ सकारात्मक जीवनशैली अपनाता है, तभी सौभाग्य के द्वार खुलने की संभावना बढ़ती है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


