घर में बेल वृक्ष लगाना आखिर क्यों है इतना मुश्किल, नियमों व दिशाओं से डर जाते हैं शिवभक्त

घर में बेल वृक्ष लगाना आखिर क्यों है इतना मुश्किल, नियमों व दिशाओं से डर जाते हैं शिवभक्त

Last Updated:

Bel Tree Benefits: बेलवृक्ष को शास्त्रों में अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है. मान्यता है कि घर में बेल का पेड़ लगाने से भगवान शिव और माता लक्ष्मी दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है. फिर भी अधिकतर लोग इसे घर में लगाने से कतराते हैं, क्योंकि दिशाओं, नियमों और परंपराओं को लेकर भ्रम और डर बना रहता है, जिससे शिवभक्त भी निर्णय नहीं ले पाते…

Bel Tree Astro Benefits: हिंदू धर्म की पारंपरिक परंपरा में यह माना जाता है कि कुछ विशेष प्रकार के पेड़-पौधे में दिव्य शक्तियां होती हैं. उन्हीं में से एक है भगवान शिव का प्रिय बेल पत्र, जिसे श्रीफल भी कहा जाता है और तेलुगु में इसे मरेदु के नाम से जाना जाता है. मान्यता है कि शिवलिंग पर अगर आप तीन पत्तियों वाला बेलपत्र और एक लोटा जल अर्पित करते हैं तो भगवान शिव आपकी सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं. यह तो हम सभी जानते हैं कि भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का कितना महत्व है लेकिन क्या आप घर में बेलपत्र का पौधे होने के फायदे जानते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस घर में बेलपत्र का पौधा होता हैं, वहां शिव के साथ माता लक्ष्मी स्वयं निवास करती हैं लेकिन इस पौधे की देखरेख में कई नियमों का पालन किया जाता है. आइए जानते हैं घर में बेल पत्र का पौधा होने के फायदे और किन नियमों का करें पालन…

शास्त्रों के अनुसार, बेल वृक्ष शिव का साक्षात रूप और देवी लक्ष्मी की प्रतिकृति माना जाता है. पुराणों के अनुसार, यह बेल वृक्ष देवी महालक्ष्मी की कठोर तपस्या के फलस्वरूप उत्पन्न हुआ था. देवी भागवतम् में बताया गया है कि इस वृक्ष की जड़ों में देवी गिरिजा, तने में देवी महेश्वरी, शाखाओं में देवी कात्यायनी और पत्तियों में स्वयं मां लक्ष्मी निवास करती हैं. इसलिए, घर में बेलवृक्ष लगाने से घर मंदिर के समान हो जाता है. ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि जिस घर में बेल वृक्ष स्वस्थ रूप से उगता है, वहां नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश बिलकुल नहीं हो सकता.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में बेल वृक्ष लगाने के लिए कुछ विशेष दिशाएं पहले से निर्धारित हैं. घर के उत्तर-पूर्व, उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में इस वृक्ष को लगाना सबसे शुभ माना जाता है. उत्तर-पूर्व कोने में बेल वृक्ष लगाने से परिवार के पैतृक और वास्तु संबंधी दोष पूरी तरह से दूर हो जाते हैं. साथ ही इससे देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और आर्थिक कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

हालांकि, ज्योतिषी चेतावनी देते हैं कि घर में बेल का पौधा उगाने वालों को कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए. इस वृक्ष की देखभाल पूरी श्रद्धा से करनी चाहिए. इसे नियमित रूप से पानी दें और वृक्ष के आसपास के क्षेत्र को साफ रखें. इस वृक्ष को अपवित्र हाथों से या बीमार होने पर नहीं छूना चाहिए. विशेष रूप से चतुर्दशी तिथि, अष्टमी तिथि, अमावस्या तिथि, पूर्णिमा तिथि और सोमवार को पूजा के लिए बेल के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. अगर आपको शिव पूजन करना है तो इन तिथियों से एक दिन पहले ही बेलपत्र की पत्तियों तोड़कर स्वच्छ स्थान पर रख दें.

ज्योतिषाचार्यों का मानना ​​है कि घर में बेल का वृक्ष लगाना परिवार के लिए कल्प वृक्ष के समान है. शिव पुराण में बताया गया है कि हर दिन सुबह इस वृक्ष के दर्शन करने से अश्वमेध यज्ञ करने के समान पुण्य प्राप्त होता है. हालांकि, जिनके पास जगह नहीं है, वे इसे गमलों में छोटे पौधे के रूप में भी उगा सकते हैं, इसमें कोई समस्या नहीं है. ऐसा कहा जाता है कि अगर बेल का वृक्ष श्रद्धा और भक्ति से घर में उगाया जाए और नियमित रूप से पूजा की जाए, तो घर भगवान शिव और महालक्ष्मी का स्थायी निवास बन जाता है.

Source link

You May Have Missed