मेहनत के बाद भी नहीं बन रहा घर? कुंडली का चौथा भाव हो सकता है वजह

मेहनत के बाद भी नहीं बन रहा घर? कुंडली का चौथा भाव हो सकता है वजह

अंबाला: हर इंसान का सपना होता है कि उसके पास अपना एक सुंदर घर हो, परिवार के साथ सुख-शांति से जीवन बिताने के लिए अच्छा मकान हो और सफर को आसान बनाने के लिए एक शानदार गाड़ी भी हो. लेकिन कई बार इंसान दिन-रात मेहनत करने के बावजूद भी जमीन, मकान और वाहन का सुख हासिल नहीं कर पाता. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसके पीछे सिर्फ आर्थिक कारण ही नहीं, बल्कि कुंडली में मौजूद ग्रह दोष और चतुर्थ भाव की कमजोरी भी एक बड़ी वजह हो सकती है.

कुंडली का चौथा भाव क्यों माना जाता है खास

इस बारे में जब लोकल 18 की टीम ने अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीप लाल जयपुरी से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि कुंडली का चौथा भाव व्यक्ति के भौतिक सुख-सुविधाओं, माता, जमीन-जायदाद, मकान, वाहन और मानसिक शांति से जुड़ा होता है. अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में चौथा भाव कमजोर हो या उसके स्वामी ग्रह की स्थिति ठीक न हो, तो व्यक्ति को जीवन में घर और वाहन से जुड़े सुख पाने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

उन्होंने बताया कि मंगल ग्रह को जमीन और भवन का कारक माना गया है, जबकि शुक्र ग्रह वाहन, ऐश्वर्य और सुख-सुविधाओं का प्रतिनिधित्व करता है. ऐसे में इन ग्रहों की कमजोर स्थिति व्यक्ति के जीवन पर नकारात्मक असर डाल सकती है.

घर, जमीन और वाहन के सुख से कैसे जुड़ा है चतुर्थ भाव

पंडित दीपलाल जयपुरी के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति का चतुर्थ भाव कमजोर है, तो कुछ अच्छे कार्य और नियमित उपाय अपनाकर उसे मजबूत किया जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले माता का सम्मान करना बेहद जरूरी माना गया है. ज्योतिष शास्त्र में माता को चतुर्थ भाव का मुख्य कारक माना गया है. इसलिए रोज सुबह माता के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेने से कुंडली का चौथा भाव मजबूत होने लगता है और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.

मंगल और शुक्र ग्रह की कमजोरी बढ़ा सकती है परेशानी

इसके अलावा बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करना भी लाभकारी माना गया है. उन्हें दूर्वा अर्पित करने से जमीन और भवन से जुड़ी बाधाएं दूर होती हैं और रुके हुए काम पूरे होने लगते हैं. वहीं जिन लोगों की कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर होता है, उन्हें मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए.

क्या है उपाय

उन्होंने बताया कि लाल रंग के वस्त्र पहनने और लाल मसूर की दाल का दान करने से मंगल ग्रह मजबूत होता है और संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलने लगती है. वहीं चंद्रमा को भी चतुर्थ भाव का महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है. ऐसे में सोमवार के दिन दूध, चावल और सफेद वस्त्रों का दान करना शुभ माना जाता है.

उन्होंने यह भी बताया कि घर में चांदी के पात्र में पानी भरकर रखने से मानसिक शांति और पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है. वहीं शुक्रवार के दिन छोटी कन्याओं को सफेद मिठाई खिलाने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आने लगती है.

ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी का कहना है कि अगर व्यक्ति सच्चे मन से इन उपायों को नियमित रूप से अपनाता है, तो धीरे-धीरे कुंडली का चौथा भाव मजबूत होने लगता है और जीवन में घर, वाहन और सुख-सुविधाओं के योग बनने लगते हैं.

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