वो 7 पौधे जिनकी होती पूजा, पर घर में लगाना वर्जित, जिंदगी में मचा देंगे उथल-पुथल

वो 7 पौधे जिनकी होती पूजा, पर घर में लगाना वर्जित, जिंदगी में मचा देंगे उथल-पुथल

Ghar me kaun sa paudha nahi lagana chahiye: हिंदू धर्म में कुछ ऐसे पेड़-पौधे हैं, जो देव वृक्ष की श्रेणी में आते हैं. व्रत और त्योहारों में उन पेड़-पौधों की विधि विधान से पूजा ​की जाती है. इनके बिना वह व्रत, पर्व या त्योहार पूरा नहीं होते हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि 7 ऐसे पेड़-पौधे हैं, जिनकी पूजा की जाती है, लेकिन उनको घर या बालकनी में नहीं लगाना चाहिए. इनको घर के आंगन में या बालकनी में लगाने की मनाही है.

घर-बालकनी में कौन से पौधे नहीं लगाएं

बरगद: बरगद का पेड़ दैव वृक्ष है, इसमें देवताओं का वास होता है. वट सावित्री व्रत में वट वृक्ष की विशेष पूजा और परिक्रमा की जाती है. अखंड सौभाग्य प्रदान करने वाला यह व्रत बरगद के पेड़ की पूजा के बिना अधूरा है. बरगद के पेड़ की पूजा करते हैं, लेकिन इसे घर के आंगन या बालकनी में लगाना वर्जित है. इसकी जड़ें दूर तक फैलती हैं, जिससे घर को भी नुकसान पहुंच सकता है. बरगद के पेड़ की परछाई घर पर पड़ना अशुभ होता है, इससे तनाव और नकारात्मकता बढ़ती है.

शमी: शनि देव की कृपा पाने, साढ़ेसाती और ढैय्या के दुष्प्रभाव से बचने के लिए शमी के पेड़ की पूजा करते हैं. शमी के पत्ते शनिदेव और भगवान शिव को अर्पित करते हैं. लेकिन इसे घर में नहीं लगाना चाहिए क्योंकि इससे वास्तु दोष पैदा होता है और यह कटीला होता है. इसे घर के बाहर लगा सकते हैं.

पीपल: पीपल के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है. शनि दोष और पितरों की शांति के लिए इसके जड़ पर जल अर्पित करते हैं और तेल का दीपक जलाते हैं. इसकी पूजा करते हैं, लेकिन इसे घर में लगाना वर्जित है क्योंकि इसकी जड़ें आपके घर की नींव हिला सकती हैं. जिसके घर में होता है, उसे धन हानि और जीवन में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है.

आंवला: भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के आशीर्वाद के लिए आंवले के पेड़ की पूजा करते हैं. आंवला नवमी व्रत के दिन इसकी विशेष पूजा अर्चना करते हैं. लेकिन इसके पौधे को घर में नहीं लगाते हैं और न ही यह आपके घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने होना चाहिए. इससे वित्तीय संकट का सामना करना पड़ सकता है.

आक या मदार: भगवान शिव की पूजा में आक या मदार के फूलों का उपयोग करते हैं. इसकी जड़ों में श्वेतार्क गणेश का वास होता है. लेकिन इसे घर में नहीं लगाते हैं क्योंकि परिवार में कलह और बीमारियों का कारण बन सकता है. इस पौधे से निकलने वाला सफेद दूध आंखों और त्वचा के लिए ठीक नहीं माना जाता है.

इमली: इमली के पेड़ की पूजा करते हैं और उस पर देवी का वास मानते हैं. लेकिन इसे घर या उसके आस पास इमली का पौधा नहीं लगाते हैं. वास्तु अनुसार इस पौधे को लगाने से परिवार में विवाद, आपसी प्रेम, विश्वास की कमी होती है. परिवार में नकारात्मकता बढ़ती है.

केला: गुरुवार व्रत में केले के पौधे की पूजा करते हैं, वहीं मांगलिक कार्यों में उसके पत्तों और तनों का उपयोग किया जाता है. इसमें भगवान विष्णु और देव गुरु बहस्पति का वास होता है. गुरु दोष को दूर करने के लिए भी केले के पौधे की पूजा करते हैं. लेकिन इसे घर के पीछे या मुख्य द्वार के सामने नहीं लगाना चाहिए. इसे घर के बाहर ईशान कोण में लगा सकते हैं. गलत जगहों पर केले का पौधा लगाने से दांपत्य जीवन, शिक्षा आदि में समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

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