एकदंत संकष्टी चतुर्थी कब है? बनेंगे 2 शुभ योग, देखें तारीख, मुहूर्त, चंद्रोदय समय, महत्व

एकदंत संकष्टी चतुर्थी कब है? बनेंगे 2 शुभ योग, देखें तारीख, मुहूर्त, चंद्रोदय समय, महत्व

होमताजा खबरधर्म

एकदंत संकष्टी चतुर्थी कब है? बनेंगे 2 शुभ योग, देखें तारीख, मुहूर्त, चंद्रोदय

Last Updated:

Ekdant Sankashti Chaturthi 2026 Date: ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी तिथि को एकदंत संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. इस व्रत में गणेश जी के एकदंत स्वरूप की पूजा करते हैं. एकदंत संकष्टी चतुर्थी पर दो शुभ योग बनेंगे. इस व्रत में चंद्रमा की पूजा अनिवार्य है. आइए जानते हैं एकदंत संकष्टी चतुर्थी की तारीख, शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय समय, महत्व के बारे में.

Zoom

एकदंत संकष्टी चतुर्थी 2026 तारीख और मुहूर्त. (Photo: AI)

Ekdant Sankashti Chaturthi 2026 Date: एकदंत संकष्टी चतुर्थी का व्रत ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है. इस दिन व्रत रखकर विघ्नहर्ता श्री गणेश जी के एकदंत स्वरूप की पूजा करते हैं. इस साल एकदंत संकष्टी चतुर्थी के दिन दो शुभ योग बन रहे हैं. सुबह में गणेश जी की पूजा करने के बाद रात्रि के समय में चंद्रमा की पूजा करते हैं और अर्घ्य देते हैं. उसके बाद या फिर अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण करके व्रत का पूरा करते हैं. संकष्टी चतुर्थी व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के कष्ट और संकटों का नाश होता है. जीवन में शुभता और सफलता मिलती है.

पंचांग के आधार पर देखा जाए तो ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ति​थि 5 मई मंगलवार को सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर शुरू हो रही है. इस तिथि का समापन 6 मई बुधवार को सुबह 7 बजकर 51 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि और चंद्रोदय समय के अनुसार एकदंत संकष्टी चतुर्थी व्रत 5 मई को है. एकदंत संकष्टी चतुर्थी को ज्येष्ठ संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है. यह मई का पहला संकष्टी चतुर्थी व्रत है.

2 शुभ योग में एकदंत संकष्टी चतुर्थी

5 मई को एकदंत संकष्टी चतुर्थी के दिन 2 शुभ योग बन रहे हैं. शिव योग प्रात:कल से लेकर 6 मई को 12:17 ए एम तक रहेगा. उसके बाद से सिद्ध योग बनेगा. शिव योग जप, तप, साधना के लिए उत्तम होता है. चतुर्थी के दिन ज्येष्ठा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर दोपहर 12:55 पी एम तक है, वहीं उसके बाद से मूल नक्षत्र शुरू होगा.

एकदंत संकष्टी चतुर्थी 2026 मुहूर्त

एकदंत संकष्टी चतुर्थी को आपको व्रत रखना है तो आप ब्रह्म मुहूर्त 04:12 ए एम से 04:55 ए एम में स्नान कर लें. उसके बाद व्रत और पूजा का संकल्प करें. फिर सुबह 08:58 ए एम से दोपहर 01:58 पी एम के बीच गणेश जी की पूजा विधि विधान से करें. इस समय में लाभ-उन्नति मुहूर्त 10:38 ए एम से 12:18 पी एम तक है, उसके बाद अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 12:18 पी एम से 01:58 पी एम तक रहेगा. उस दिन का अभिजीत मुहूर्त 11:51 ए एम से दोपहर 12:45 पी एम तक है.

एकदंत संकष्टी चतुर्थी 2026 चंद्रोदय समय

एकदंत संकष्टी चतुर्थी वाले दिन चंद्रमा की पूजा अनिवार्य है. इसके बिना व्रत पूरा नहीं हेता है. इस व्रत में अर्घ्य देने के लिए व्रती को चांद निकलनी की लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती है. चतुर्थी के दिन चंद्रोदय रात में 10:35 पी एम पर होगा और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 07:39 ए एम पर होगा.

एकदंत संकष्टी चतुर्थी का महत्व

एकदंत संकष्टी चतुर्थी के दिन व्रत और पूजा करने से बाधाएं दूर होती हैं, जीवन में सुख और शांति आती है. परिवार का कलह, अशुभता, जीवन में आने वाले संकट आदि दूर होते हैं. करियर में सफलता प्राप्ति के लिए भी एकदंत संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है.

About the Author

authorimg

कार्तिकेय तिवारीDeputy News Editor

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें

Source link

You May Have Missed