पंचांग, 17 अप्रैल: आज वैशाख अमावस्या, शुक्रवार लक्ष्मी पूजा, जानें मुहूर्त, राहुकाल, पंचक
जो शुक्रवार व्रत हैं, वे प्रदोष काल में यानि सूर्यास्त के बाद माता लक्ष्मी की पूजा करें. माता लक्ष्मी को लाल फूल, अक्षत्, सिंदूर, धूप, दीप, कमलगट्टा, पीली कौड़ियां आदि अर्पित करें. बताशे, सफेद मिठाई, खीर आदि का भोग लगाएं. श्रीसूक्त या कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें. लक्ष्मी कृपा से आपके धन और वैभव में बढ़ोत्तरी होगी. आज शुक्रवार को सफेद या गुलाबी रंग के कपड़े पहनें. खीर, दूध, चावल, चांदी, सफेद वस्त्र, सौंदर्य सामग्री, इत्र आदि का दान दें. शुक्र के शुभ प्रभाव से भौतिक सुख और सुविधाओं में वृद्धि होगी.
आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang), 17 अप्रैल 2026
आज की तिथि- अमावस्या – 05:21 पी एम तक, फिर प्रतिपदा
आज का नक्षत्र- रेवती – 12:02 पी एम तक, उसके बाद अश्विनी
आज का करण- चतुष्पाद – 06:49 ए एम तक, नाग – 05:21 पी एम तक, किंस्तुघ्न – 03:47 ए एम, अप्रैल 18 तक, फिर बव
आज का योग- वैधृति – 07:22 ए एम तक, विष्कम्भ – 03:45 ए एम, अप्रैल 18 तक, उसके बाद प्रीति
आज का पक्ष- कृष्ण
आज का दिन- शुक्रवार
चंद्र राशि- मीन – 12:02 पी एम तक, फिर मेष
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय- 05:54 ए एम
सूर्यास्त- 06:48 पी एम
चन्द्रोदय- चन्द्रोदय नहीं
चन्द्रास्त- 06:46 पी एम
आज के मुहूर्त और शुभ योग
ब्रह्म मुहूर्त: 04:25 ए एम से 05:09 ए एम
अमृत काल: 09:50 ए एम से 11:18 ए एम, कल 03:12 ए एम से 04:39 ए एम तक
अभिजीत मुहूर्त: 11:55 ए एम से 12:47 पी एम
विजय मुहूर्त: 09:50 ए एम से 11:18 ए एम
सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन
अमृत सिद्धि योग: 05:54 ए एम से 12:02 पी एम
निशिता मुहूर्त: 11:58 पी एम से 12:43 ए एम, अप्रैल 18
दिन का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
चर-सामान्य: 05:54 ए एम से 07:31 ए एम
लाभ-उन्नति: 07:31 ए एम से 09:07 ए एम
अमृत-सर्वोत्तम: 09:07 ए एम से 10:44 ए एम
शुभ-उत्तम: 12:21 पी एम से 01:58 पी एम
चर-सामान्य: 05:11 पी एम से 06:48 पी एम
रात का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
लाभ-उन्नति: 09:34 पी एम से 10:57 पी एम
शुभ-उत्तम: 12:20 ए एम से 01:43 ए एम, अप्रैल 18
अमृत-सर्वोत्तम: 01:43 ए एम से 03:07 ए एम, अप्रैल 18
चर-सामान्य: 03:07 ए एम से 04:30 ए एम, अप्रैल 18
आज के अशुभ समय
दुर्मुहूर्त- 08:29 ए एम से 09:20 ए एम, 12:47 पी एम से 01:38 पी एम
राहुकाल- 10:44 ए एम से 12:21 पी एम
पंचक- 05:54 ए एम से 12:02 पी एम
यमगण्ड- 03:34 पी एम से 05:11 पी एम
दिशाशूल- पश्चिम
शिववास
गौरी के साथ – 05:21 पी एम तक, फिर श्मशान में.


