Vastu Tips For Home: घर में वास्तु क्यों है जरूरी? बिना तोड़फोड़ टॉयलेट के वास्तु दोष कैसे करें कम? जानिए रंगों से आसान समाधान

Vastu Tips For Home: घर में वास्तु क्यों है जरूरी? बिना तोड़फोड़ टॉयलेट के वास्तु दोष कैसे करें कम? जानिए रंगों से आसान समाधान

Vastu Tips For Home: भारत में घर बनाते समय लोग डिजाइन, इंटीरियर और लोकेशन पर तो खूब ध्यान देते हैं, लेकिन एक चीज़ जिसे अकसर इग्नोर कर दिया जाता है, वो है वास्तु. अब बहुत से लोग सवाल पूछते हैं कि क्या सच में वास्तु इतना जरूरी है? तो इसका सीधा जवाब है-हां, क्योंकि वास्तु सिर्फ दिशाओं की बात नहीं करता, बल्कि आपके घर में एनर्जी के फ्लो और उस एनर्जी का आपकी लाइफ पर असर कैसे पड़ता है, ये समझाता है. अगर घर में ज़रूरी चीज़ें गलत डायरेक्शन में बन जाती हैं, जैसे-टॉयलेट या किचन, तो कई बार नेगेटिविटी बढ़ने लगती है. इससे झगड़े, पैसों की रुकावट, मेन्टल स्ट्रेस, हेल्थ इश्यूज और रिश्तों में दूरी जैसी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं. सबसे बड़ी बात, ये बदलाव तुरंत नहीं दिखते, बल्कि धीरे-धीरे असर करते हैं और जब तक मनुष्य महसूस करे, तब तक काफी कुछ बिगड़ चुका होता है. ये आर्टिकल उन लोगों के लिए है जो वास्तु को बिना भारी शब्दों और बिना पंडिताना भाषा के समझना चाहते हैं. यहां आपको बिल्कुल आसान और बोलचाल की भाषा में बताया जाएगा कि घर में टॉयलेट कहां होना अच्छा है, कहां होने पर परेशानी होती है और उसका उपाय क्या है. साथ ही, किचन की सही दिशा और अगर गलत दिशा में बना हो तो क्या किया जा सकता है, ये भी साफ-साफ समझ आएगा. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी, वास्तु विशेषज्ञ एवं न्यूमेरोलॉजिस्ट हिमाचल सिंह.

1. टॉयलेट: सबसे बड़ा वास्तु दोष
कहा जाता है कि घर में सबसे ज्यादा नेगेटिविटी टॉयलेट की गलत जगह से आती है. इस वजह से इसे सबसे बड़ा वास्तु दोष माना गया है.

टॉयलेट की सही 3 दिशा
टॉयलेट इन तीन जगह पर हो तो बेहतर माना जाता है:

सही दिशा किस जगह के बीच
दक्षिण-पश्चिम दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम के बीच
पश्चिम और उत्तर-पश्चिम उत्तर-पश्चिम और पश्चिम के बीच
पूर्व और दक्षिण-पूर्व दक्षिण-पूर्व और पूर्व के बीच

इन जगहों पर टॉयलेट होने से नेगेटिव असर कम रहता है और एनर्जी बैलेंस रहती है.

गलत दिशा में टॉयलेट होने पर क्या दिक्कतें
-घर में टेंशन और लड़ाई की स्थिति बढ़ सकती है
-अचानक पैसों की कमी या आर्थिक तनाव
-सेहत से जुड़े प्रॉब्लम्स
-चीज़ें ठीक होते-होते रुक जाना

आसान उपाय (बिना तोड़फोड़)
अगर टॉयलेट गलत दिशा में है तो इन कलर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है:

दिशा                                   रंग

उत्तर दिशा                            नीला
पूर्व                                       हरा
दक्षिण                                   लाल
पश्चिम                                   सफेद

कैसे इस्तेमाल करें?
टॉयलेट की दीवारों पर या बॉर्डर के हिसाब से इन रंगों की टेप या पेंट लगाकर एनर्जी बैलेंस की जा सकती है. ये कोई जादू नहीं, लेकिन एनर्जी बैलेंस में मदद करता है.

2. किचन: घर की एनर्जी का इंजन
टॉयलेट के बाद दूसरा सबसे बड़ा वास्तु दोष किचन की गलत जगह मानी जाती है. क्योंकि खाना हमारी बॉडी की एनर्जी है और किचन से उस एनर्जी का सोर्स जुड़ा होता है.

किचन की सही जगह
-दक्षिण-पूर्व-सबसे बेहतर
-पश्चिम-भी पॉजिटिव माना जाता है

Vastu tips for home

गलत दिशा के नुकसान
-घर में अनबन या बहस बढ़ना
-काम में रुकावट
-पैसे बचते नहीं
-फिजिकल और मेंटल स्ट्रेस बढ़ना

क्या करें?
-गैस चूल्हा दक्षिण-पूर्व कॉर्नर की ओर सेट करें (जहां तक संभव हो)
-दीवारों में ज्यादा डार्क रंग ना रखें, हल्के शेड्स बेहतर रहते हैं
-अगर किचन उत्तर-पूर्व में है तो वस्तुओं की पोजिशन मैनेज करके नुकसान कम किया जा सकता है, जैसे पानी की जगह पूर्व में रखें, आग संबंधी चीज़ें दक्षिण-पूर्व में रखें

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