Ravivar Vrat Vidhi: रविवार व्रत पर बना अद्भुत संयोग, षष्ठी तिथि के साथ रवि योग, जानें पूजा विधि, नियम और लाभ
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Ravivar Vrat Vidhi: रविवार व्रत 12 अक्टूबर को है. उस दिन रवि योग के साथ अद्भुत संयोग है. इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से मनचाहे कार्य पूरे होते हैं. रविवार व्रत और रवि योग सूर्य देव से संबंधित हैं, वहीं षष्ठी तिथि छठी देवी और भगवान कार्तिकेय को समर्पित है. रविवार का व्रत रखने से साधक को सुख, समृद्धि, आरोग्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
Ravivar Vrat Vidhi: रविवार व्रत 12 अक्टूबर को है. इस बार रविवार व्रत पर षष्ठी तिथि और रवि योग का अद्भुत संयोग बना है. कार्तिक कृष्ण षष्ठी तिथि पर रविवार को रवि योग का संयोग शुभ फलदायी है. इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से मनचाहे कार्य पूरे होते हैं. दृक पंचांग के अनुसार, रविवार के दिन सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे. षष्ठी तिथि 11 अक्टूबर शाम 4 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर 12 अक्टूबर दोपहर 2 बजकर 16 मिनट तक रहेगा.
रविवार व्रत पर अद्भुत संयोग
रवि योग 01:36 पी एम से 13 अक्टूबर को 06:20 ए एम तक है. रवि योग ज्योतिष में एक शुभ योग माना गया है. यह तब बनता है जब चंद्रमा का नक्षत्र सूर्य के नक्षत्र से चौथे, छठे, नौवें, दसवें और तेरहवें स्थान पर होता है. इस दिन निवेश, यात्रा, शिक्षा या व्यवसाय से संबंधित काम की शुरुआत करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है.
रविवार व्रत मुहूर्त
इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. वहीं ब्रह्म मुहूर्त 04:40 ए एम से 05:30 ए एम तक है. लाभ-उन्नति मुहूर्त 09:13 ए एम से 10:40 ए एम तक है.
रविवार व्रत के नियम
- रविवार व्रत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के पहले रविवार से शुरू कर सकते हैं.
- 12 रविवार तक व्रत रखते हैं और उसके बाद इसका उद्यापन कर दें.
- रविवार व्रत में सूर्य पूजा करें. मीठा भोजन करें. नमक का सेवन न करें.
- रविवार व्रत पूजा के बाद गेहूं, लाल रंग के फल, फूल, लाल वस्त्र, केसर, घी, सोना आदि दान करें.
रविवार व्रत के फायदे
रविवार व्रत और पूजा विधि
- व्रत शुरू करने के लिए आप ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म स्नान आदि करें, मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें.
- उसके बाद एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर पूजन सामग्री रखें, फिर व्रत कथा सुनें.
- सूर्य देव को तांबे के बर्तन में जल भरकर उसमें फूल, अक्षत और रोली डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें. ऐसा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है.
- रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र मंत्र का पाठ करने और सूर्य देव के मंत्र “ऊं सूर्याय नमः” या “ऊं घृणि सूर्याय नमः” का जप करने से भी विशेष लाभ मिलता है.
- रविवार के दिन गुड़ और तांबे के दान का भी विशेष महत्व है. इन उपायों को करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है. साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता मिलती है.
कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें
कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक… और पढ़ें


