Shani Amavasya 2025: शनि अमावस्या की रात खतरनाक क्यों होती है? भूलकर भी न करें ये 5 गल​ती, वरना…

Shani Amavasya 2025: शनि अमावस्या की रात खतरनाक क्यों होती है? भूलकर भी न करें ये 5 गल​ती, वरना…

आज 23 अगस्त को शनि अमावस्या है. यह भाद्रपद की अमावस्या है. पंचांग में कृष्ण पक्ष की पंद्रहवीं तिथि को अमावस्या कहते हैं. शनि अमावस्या के दिन शनि देव की पूजा करते हैं और पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध आदि किया जाता है. इससे पुण्य की प्राप्ति होती हैं, पितृ दोष मिटता है. धन प्राप्ति के लिए अमावस्या के प्रदोष काल में माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है. लेकिन अमावस्या की रात काफी खतरनाक होती है. अमावस्या की रात तंत्र और मंत्र की सिद्धि की जानी जाती है. इस वजह से अमावस्या की रात और उसके अगले दिन लोगों को सावधान रहना चाहिए, नहीं तो उनके हानि हो सकती है.

अमावस्या की रात खतरनाक क्यों है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अमावस्या का दिन पुण्य लाभ के लिए होता है, लेकिन रात में तामसिक ​शक्तियां प्रभावी होती हैं, इसकी वजह से पाप ग्रहों की शक्तियां बढ़ जाती हैं. अमावस्या का संबंध राहु और केतु से माना गया है.

इस रात चंद्रमा की शक्तियां क्षीण होती हैं. चंद्रमा को मन का कारक माना गया है. जो लोग कर्क राशि के हैं या जिनका मूलांक 2 होता है, उनको लोगों अमावस्या पर विशेष ध्यान देना चाहिए. अमावस्या के दिन मन विचलित होता है. अमावस्या की रात तामसिक शक्तियां लोगों के मन को प्रभावित करती हैं.

अमावस्या की ​रात तांत्रिक तंत्र साधना करके शक्तियों को अर्जित करते हैं. इस रात मंत्र को जागृत या सिद्ध किया जाता है. इन शक्तियों का दुरुपयोग दूसरों को हानि पहुचाने के लिए भी हो सकता है. ऐसे में लोगों को सावधान रहने की जरूरत होती है.

अमावस्या की रात न करें ये 5 काम

1. अमावस्या की रात तामसिक ​शक्तियां प्रभावी होती हैं, इस वजह से बेवजह देर रात को न घूमें.

2. इस दिन आपको अपने मन को वश में रखना चाहिए. मन पर नियंत्रण रखें. इसके​ लिए आपको योग साधना करनी चाहिए. यदि मन पर नियंत्रण नहीं होगा तो आपका मन अशांत, उदास या बेचैन होगा.

4. रात के समय में कपड़े बाहर खुले में नहीं फैलाने चाहिए. अमावस्या की रात विशेष कर इस बात का ध्यान रखें.

5. लोक मान्यता है कि अमावस्या की रात किसी को भी श्मशान, सुनसान जगह या पुराने वृक्ष के पास नहीं जाना चाहिए.

अमावस्या को क्या करें

1. अमावस्या की रात आप अपने कल्याण के लिए अपने इष्ट देव के नाम का जप कर सकते हैं.

2. यदि आपने गुरु मंत्र लिया है, तो अमावस्या की रात उस मंत्र का जाप कर सकते हैं.

3. मानव कल्याण के लिए आप मंत्र जाप करके उसे सिद्ध कर सकते हैं.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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