Shani Amavasya 2025 Mantra: शनि अमावस्या पर इन 5 में किसी एक मंत्र का करें जाप, कष्ट होंगे दूर, देवों की बरसेगी कृपा

Shani Amavasya 2025 Mantra: शनि अमावस्या पर इन 5 में किसी एक मंत्र का करें जाप, कष्ट होंगे दूर, देवों की बरसेगी कृपा

शनि अमावस्या 23 अगस्त को है. शनि अमावस्या के दिन आप शनिदेव की पूजा के अलावा अपने पितरों की पूजा कर सकते हैं. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, उसके बाद दान करते हैं. शनि अमावस्या पर स्नान और दान करने से पाप मिटते हैं और पुण्य लाभ होता है. शनि अमावस्या के अवसर पर आप स्नान और दान के बाद कुछ मंत्रों का जाप कर सकते हैं. इन मंत्रों का जाप करने से कष्ट दूर होंगे और आप पर देवों की कृपा होगी. आइए जानते हैं कि शनि अमावस्या पर किन मंत्रों का जाप करना चाहिए.

शनि अमावस्या पर जाप के लिए मंत्र

1. ओम पितृभ्यः स्वधा नमः

शनि अमावस्या या किसी भी अमावस्या के दिन आप स्नान और पूजा के बाद पितरों के इस मंत्र का जाप कर सकते हैं. पितरों के इस मंत्र का जाप करने से आपके पितृगण प्रस्नन होंगे. आपके दिए गए तर्पण और सेवा से वे प्रसन्न होकर आपको आशीर्वाद देंगे. यदि आप पर पितृ दोष होगा तो वो खत्म हो सकता है.

2. ओम नमः शिवाय

अमावस्या के दिन आप भगवान शिव की पूजा करके उनके पंचाक्षर मंत्र ओम नम: शिवाय का जाप कर सकते हैं. ​महाकाल भगवान शिव अपने भक्तों को मोक्ष प्रदान करते हैं. मंत्र जाप करके आप महादेव से पितरों के मोक्ष की प्रार्थना कर सकते हैं. आप अपने अर्जित पुण्य को पितरों को दान कर सकते हैं, ताकि उनको मोक्ष प्राप्त हो सके. शिव कृपा से सभी प्रकार के पाप और कष्ट मिट जाते हैं.

3. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

यदि आपके जीवन में कोई संकट आया हुआ है तो आप शनि अमावस्या पर महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर सकते हैं. इस मंत्र के जाप से सभी प्रकार के अमंगल दूर होते हैं. नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. शिव कृपा से व्यक्ति को उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त होता है, वह दीर्घायु होता है और भय का भी नाश होता है.

4. ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम् भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥

शनि अमावस्या के दिन आप गायत्री मंत्र का भी जाप कर सकते हैं. इस मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और आत्मा की शुद्धि होती है. हालांकि गायत्री मंत्र का जाप करने से पूर्व इसकी शुद्धि करनी जरूरी है. इसे आप ऐसे ही नहीं जप सकते हैं क्योंकि यह शापित हैं. सुख, शांति और विश्व कल्याण के लिए गायत्री मंत्र का जाप करते हैं.

5. ॐ क्रीं कालिकायै नम:
अमावस्या का दिन तंत्र और मंत्र की सिद्धि के लिए उपयुक्त माना जाता है. इस दिन आप मां काली के इस मंत्र का जाप कर सकते हैं. इससे शक्ति की प्राप्ति होती है और शत्रु का नाश होता है. व्यक्ति के अंदर साहस और पराक्रम बढ़ता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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