पितृ दोष कैसे लगता है? गांठ बांध लें ये 5 बातें, नहीं तो जीवनभर रहेंगे परेशान, रुक जाएगी तरक्की
पितृ दोष कैसे लगता है?
जब कोई व्यक्ति अपने परिवार के पितरों को अनादर करता है, उनकी उपेक्षा करता है तो उनके पितर कई प्रकार से उनको प्रताड़ित करते हैं. परिवार के सदस्यों को यातनाएं देते हैं. वे उनकी उन्नति में बाधा डालते हैं. इससे सेहत, धन, रिश्ते, संतान सब प्रभावित होते हैं. पितृ दोष के कारण वंश वृद्धि तक रुक जाती है.
– अमावस्या, पूर्णिमा, संक्रांति के दिन पितरों के लिए तर्पण और दान न करने से भी पितृ दोष लगता है.
दरअसल पितृ पक्ष, अमावस्या, पूर्णिमा की तिथि में पितर धरती पर आते हैं, उनको अपनी संतान से उम्मीद होती है कि वे तर्पण, दान, भोज आदि से उनको तृप्त करेंगे. जब कोई व्यक्ति इस दिन अपने पितरों को तृप्त नहीं करता है तो उसके पितर नाराज होते हैं और वे श्राप देते हैं. पितृ लोक में पितरों को जल की कमी होती है, इसलिए जल से तर्पण देकर उनको तृप्त किया जाता है.
पितृ दोष से बचने के लिए क्या करें
2. पितृ दोष से बचने के लिए आपको गाय, कौआ, कुत्ता आदि को भोजन का कुछ अंश अर्पित करना चाहिए. मान्यता है कि इससे पितरों को भोजन का अंश प्राप्त होता है.
5. पितरों की कृपा पाने के लिए पितृ सूक्त का पाठ करना चाहिए.


