30 साल बाद आया ऐसा शुभ योग, सोमवती अमावस्या पर पीपल के नीचे किया यह काम बदल सकता है भाग्य
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Purushottam Maas 2026: साल 2026 में 15 जून को पुरुषोत्तम मास का समापन सोमवती अमावस्या के साथ हो रहा है, जो 30 साल बाद बना एक दुर्लभ संयोग है. यह दिन पितृ शांति, विष्णु और शिव पूजा के लिए अत्यंत शुभ है. यदि आप नदी स्नान न कर पाएं, तो घर पर गंगाजल युक्त स्नान करें. पीपल के वृक्ष के नीचे कच्चे दूध और काले तिल अर्पित करें तथा शाम को दीपदान करें. जरूरतमंदों की सेवा और भगवान शिव के मंत्रों का जाप करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और जीवन के अवरोध दूर होकर सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है.
Purushottam Maas 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार हर तीन वर्ष में आने वाला पुरुषोत्तम मास यानी अधिक मास अत्यंत पवित्र और पुण्यकारी माना जाता है. इस वर्ष पुरुषोत्तम मास का समापन 15 जून 2026 को हो रहा है. इस दिन एक अत्यंत दुर्लभ संयोग बना है, क्योंकि पुरुषोत्तम मास का अंतिम दिन सोमवती अमावस्या के साथ जुड़ गया है. ज्योतिष शास्त्र के जानकारों के अनुसार ऐसा दुर्लभ संयोग लगभग 30 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद देखने को मिला है. यह दिन आध्यात्मिक उन्नति और पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना गया है.
ज्योतिषाचार्य पं. धीरज शर्मा के अनुसार पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित है, जबकि सोमवती अमावस्या पितरों की शांति और मोक्ष के लिए जानी जाती है. इन दोनों का एक साथ पड़ना एक शुभ संकेत है. इस विशेष दिन किए गए जप, तप, दान और अनुष्ठान का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होता है. यदि आप किसी कारणवश पवित्र नदियों में स्नान नहीं कर पाए हैं, तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें डालकर स्नान करना बेहद शुभ माना गया है. स्नान के बाद पितरों का स्मरण करके प्रार्थना करना कल्याणकारी होता है.
पीपल के वृक्ष का उपाय और उसका महत्व
ज्योतिष शास्त्र में अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा का विशेष विधान बताया गया है. आज दोपहर के समय पीपल के पेड़ की जड़ में कच्चे दूध में काले तिल मिलाकर अर्पित करना चाहिए. मान्यता है कि पीपल के वृक्ष में त्रिदेवों का वास होता है, इसलिए यहां दूध और तिल अर्पित करने से पितृ दोष का शमन होता है और घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है. इसके अलावा, शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाना यानी दीपदान करना सुख-समृद्धि के द्वार खोलता है.
भगवान शिव की आराधना और अन्य उपाय
सोमवती अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा करना बहुत लाभकारी माना जाता है. श्रद्धालुओं को शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध अर्पित करना चाहिए. पूरे दिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और भाग्य का उदय होता है. इसके साथ ही आज के दिन जरूरतमंदों को भोजन कराना, पक्षियों को दाना देना और गौ माता को ग्रास खिलाना पुण्यदायी होता है. ये छोटे-छोटे उपाय जीवन में शांति और परिवार की खुशहाली के लिए बेहद प्रभावी माने गए हैं.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें


