साढ़ेसाती में कौन सी पूजा करनी चाहिए? जानें शनिदेव को खुश करने के उपाय, मंत्र
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Sade Sati Pooja Remedies: शनि की साढ़ेसाती साढ़े 7 साल की होती है, इसलिए इसे साढ़ेसाती कहा जाता है. शनि की साढ़ेसाती हर व्यक्ति के जीवन में आती है. साढ़ेसाती के समय आप पूजा, मंत्र जाप और कुछ ज्योतिष उपायों को करके कष्टों से बच सकते हैं. आइए जानते हैं कि साढ़ेसाती में कौन सी पूजा करें? शनिदेव को प्रसन्न कैसे करें?
साढ़ेसाती में कौन सी पूजा सबसे प्रभावी मानी जाती है? (Photo: AI)
Sade Sati Pooja Remedies: हर व्यक्ति के जीवन में कम से कम एक बार शनि की साढ़ेसाती जरूर आती है. साढ़ेसाती का समय साढ़े 7 साल का होता है. उस व्यक्ति पर शनिदेव का प्रभाव 7 साल 6 महीने तक रहता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब साढ़ेसाती आती है, तो शनिदेव उस व्यक्ति को उसके कर्मों का फल देते हैं. जो व्यक्ति गलत कर्म किए होते हैं, उनको शनि के कष्ट भोगने पड़ते हैं और जो सत्य एवं धर्म के मार्ग पर हैं, उनको शनि की कृपा प्राप्त होती है. साढ़ेसाती में व्यक्ति की ग्रोथ कम हो जाती है और उसे सफलता के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है. शनिदेव कर्म प्रधान है, इसलिए साढ़ेसाती में लोगों से अधिक कर्म कराते हैं. जिन लोगों पर साढ़ेसाती का अशुभ प्रभाव होता है, उन लोगों को कुछ विशेष पूजा और ज्योतिष उपाय करने चाहिए.
साढ़ेसाती में कौन सी पूजा सबसे प्रभावी मानी जाती है?
शिव पूजा: यदि आपकी कुंडली में भी इस समय साढ़ेसाती का प्रभाव है तो आप को साढ़ेसाती में देवों के देव महादेव की पूजा करनी चाहिए. भगवान शिव शनिदेव के आराध्य हैं, शनिदेव ने शिव आराधना करने ही न्याय के देवता की पद प्राप्त किया था. ऐसे में आप साढ़ेसाती के समय भगवान भोलेनाथ की पूजा विधि विधान से करें. आप सप्ताह के 7 दिन यह पूजा नहीं कर सकते हैं, तो सोमवार और शनिवार के दिन जल में काला तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें. महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. शिव कृपा से साढ़ेसाती का कष्ट दूर होगा और शनिदेव प्रसन्न रहेंगे.
हनुमान पूजा: साढ़ेसाती में भगवान शिव के अलावा आप संकटमोचन हनुमान जी की पूजा भी कर सकते हैं. हनुमान जी ने लंका दहन किया था तो उस समय शनिदेव रावण के बंदी थे. हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्ति दिलाई थी, तो शनिदेव ने उनसे कहा था कि वे किसी भी हनुमान भक्त को परेशान नहीं करेंगे. साढ़ेसाती के समय मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान चालीसा, हनुमान बाहुक या सुंदरकांड का पाठ करें. बजरंगबली को सिंदूर और चमेली के तेल का चोला चढ़ाएं. पान का भोग लगाएं. हनुमत कृपा से आपके कष्ट और संकट मिटेंगे.
शनि पूजा: साढ़ेसाती के कष्टों का छुटकारा पाने के लिए आप कर्मफलदाता शनिदेव की पूजा कर सकते हैं. उन्होंने कष्ट दिए हैं तो वे ही आपको उबारेंगे. इसलिए आप हर शनिवार को व्रत रखें और शनिदेव की पूजा करें.
शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय क्या हैं?
- साढ़ेसाती के समय में शनिदेव को प्रसन्न करने का सबसे आसान मार्ग यह है कि आप उत्तम आचरण करें. झूठ, चोरी, जुआ, शराब, निंदा, दूसरों के अपमान, व्यभिचार आदि से दूर रहें. अच्छे कर्म करें और दूसरों की मदद करें.
- शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए हर शनिवार को सरसों या फिर काले तिल के तेल से शनिदेव का अभिषेक करें. इस दौरान आपकी नजरें उनके चरणों पर होनी चाहिए. शनिदेव के आंख में नहीं देखते हैं क्योंकि उनकी वक्र दृष्टि व्यक्ति का बुरा समय प्रारंभ कर सकती है.
- या फिर छाया दान करें. एक बर्तन में तेल भरकर उसमें अपनी छवि देखें. उसके बाद उसे किसी गरीब या जरुरतमंद को दान कर दें.
- शनिवार या फिर हर दिन पशु और पक्षियों की सेवा करें. मछली को दाना डालें, चिटिंयों को आटा और शक्कर दें, काले कुत्ते को सरसों के तेल वाली रोटी खिलाएं. काला कुत्ता नहीं है तो गाय को खिलाएं.
- शनिदेव को अपनी माता छाया से बहुत प्रेम था. इसलिए आप अपनी मां की सेवा करें. घर के बड़े और बुजुर्गों का ख्याल रखें. जो काम करें, उसमें उनका सुझाव लें, उनका मान और सम्मान करें. आप पर शनिदेव की कृपा होगी.
साढ़ेसाती के दौरान कौन से मंत्र का जाप करें?
साढ़ेसाती के समय में व्यक्ति को शनिदेव के मंत्रों का जाप करना चाहिए. इसमें आप शनि के बीज मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः या ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः का जाप कर सकते हैं. शनि मंत्र का जाप काले हकीक या रुद्राक्ष की माला से कर सकते हैं. यदि आपके पास समय है तो आप मंत्र जाप के अलावा शनि स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं. इस स्तोत्र से राजा दशरथ ने शनिदेव को प्रसन्न किया था.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. धर्म में पचांग, पुराणों और शास्त्रों के आधार पर व्…और पढ़ें


