शनि वक्री की वजह से इन तारीख में जन्मे लोगों के लिए बन रही खतरनाक स्थिति, 138 दिन तक धन, न
शनि वक्री की वजह से इन तारीख में जन्मे लोगों को 138 दिन हो सकती है परेशानी
Last Updated:
Shani Vakri 2026 Numerology: शनि के वक्री होने से कुछ खास तारीखों में जन्मे लोगों के लिए अगले 138 दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस अवधि में उन्हें नौकरी और कारोबार में झटके लगने की आशंका है. यह गोचर इन व्यक्तियों के जीवन में अस्थिरता ला सकता है, जिससे उन्हें आर्थिक और पेशेवर मोर्चे पर सतर्क रहने की आवश्यकता होगी…
Shani Vakri 2026 Numerology: शनिदेव 27 जुलाई दिन सोमवार को गुरु ग्रह की राशि मीन में वक्री चाल यानी उल्टी चाल चलने जा रहे हैं. शनि की वक्री चाल 11 दिसंबर तक रहेगी यानी 138 दिन तक इसी अवस्था में रहने वाले हैं. ज्योतिष में शनि कर्म, अनुशासन, देरी, कर्तव्य, कड़ी मेहनत और न्याय का ग्रह हैं, चूंकि शनि उल्टी चाल चल रहे हैं तो इस अवधि में वह मुद्दे फिर से उठ सकते हैं, जिनसे आप मुक्ति पा चुके हैं. यानी इस अवधि में पुरानी समस्याएं फिर से वापस आ सकती हैं. शनि की वक्री होना उन लोगों के लिए एक बड़ा चरण होगा, जो अंक ज्योतिष में विश्वास करते हैं. अंक ज्योतिष के अनुसार, शनि की वक्री चाल का प्रभाव 1 से 9 तक सभी मूलांक वालों पर पड़ने वाला है. इस अवधि में कुछ मूलांक वालों को शनि की वजह से चल रहे काम, वित्तीय दबाव, करियर में देरी, पारिवारिक जिम्मेदारियां और स्वास्थ्य दिनचर्या पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है. आइए जानते हैं उन मूलांक वालों के बारे में जिनको शनि की वक्री चाल से परेशानी हो सकती है…
किसी भी महीने की 1, 10, 19 और 28 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 1 होता है और इस मूलांक के स्वामी ग्रहों के राजा सूर्य हैं. इस अवधि में आप अपने अहंकार और जिम्मेदारी की भावना को विरोधाभासी पा सकते हैं. शनि की वक्री चाल से मूलांक 1 के जातक ऐसे कोई भी काम करने से बचें, जिससे सम्मान में कमी आए. अगर आप कहीं निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो किसी विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें. बिजनेस करने वाले कोई भी डील करने से पहले अच्छे से सोचें और काम पर ध्यान दें, वहीं नौकरी पेशा जातकों को फोकस के साथ काम करने की आवश्यकता है. इस अवधि में मूलांक 1 वाले अभिमान और कठोर वाणी से बचना चाहिए. नियमों का पालन करने से वे कई परेशानी से दूर रह सकते हैं.
किसी भी महीने की 4, 13, 22 और 31 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 4 होता है और इस मूलांक के स्वामी छाया ग्रह राहु हैं. इस अवधि में मूलांक 4 वाले काफी दबाव महसूस कर सकते हैं. शनि की वक्री चाल इस तारीख में जन्मे लोगों के लिए नौकरी, बिजनेस, ट्रेवल या रिलेशन को लेकर कोई जल्दबाजी में निर्णय ना लें अन्यथा परेशानी हो सकता है. साथ ही अपने सभी डॉक्यूमेंट्स का सही से ध्यान रखें और बहुत बारीकी से सभी को देखें. लोगों पर तब तक भरोसा नहीं करना चाहिए जब तक उनके पास सबूत ना हो. इस मूलांक के नौकरी पेशा जातक ऑफिस में बहसबाजी से बचें और अपने काम पर धेयैन दें.
Add News18 as
Preferred Source on Google
किसी भी महीने की 7, 16 और 25 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 7 होता है और इस मूलांक के स्वामी छाया ग्रह केतु हैं. इन तारीख में जन्मे लोगों काफी भावनात्मक या आध्यात्मिक दबाव में हो सकते हैं. पुराने डर, भ्रम या छिपा हुआ तनाव शनि की वक्री चाल से वापस आ सकता है. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है. नौकरी व कारोबारी इस अवधि में बेहद सतर्कता से कार्य करें अन्यथा कई तरह की परेशानी हो सकती हैं. इस अवधि में मूलांक 7 वालों को आराम, प्रार्थना और मानसिक संतुलन की आवश्यकता है. अगर वे अपने आपको अधिक सोचने से रोक सकते हैं, तो शनि की वक्री चाल उन्हें जीवन को अधिक गहराई से समझने में मदद कर सकता है.
किसी भी महीने की 8, 17 और 26 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 8 होता है और इस मूलांक के स्वामी न्याय व कर्म के कारक ग्रह शनिदेव हैं. मूलांक 8 के जातकों पर अक्सर कम उम्र में ही बड़ी जिम्मेदारियां आ जाती हैं. शनि की वक्री चाल की वजह से मूलांक 8 के जातकों को करियर, बिजनेस, फाइनेंस, संपत्ति या व्यक्तिगत मामलों में देरी का सामना करना पड़ सकता है. लेकिन अगर उन्होंने ईमानदारी से काम किया है तो यह चरण न्याय ला सकता है. डिलेड पेमेंट, पिछले प्रयास और प्रतीक्षित परिणाम धीरे-धीरे आगे बढ़ सकते हैं. उन्हें शॉर्टकट, क्रोध और जोखिम भरे धन विकल्पों से दूर रहने की आवश्यकता है. इस अवधि में मूलांक वालों का बचाव अनुशासन होगा.
हर शनिवार को ॐ शं शनैश्चराय नमः का जाप करें. अपनी क्षमता के अनुसार काले तिल, सरसों का तेल या काली उड़द दाल दान करें. गरीब लोगों, मजदूरों, बुजुर्गों और जानवरों की मदद करें.


