शनि जयंती के बाद शनि का नक्षत्र परिवर्तन, 4 राशियों पर टूटेगा दुखो का पहाड़, करें ये उपाय
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Shani Nakshatra Parivartan 2026: उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार शनि जयंती के अगले दिन न्याय के देवता भगवान शनि अपना नक्षत्र परिवर्तन करने वाले है. यह परिवर्तन चार राशियों के लिए मुसीबत लेकर आने वाला है. आइए जानते है किन उपायों से राहत मिलेगी.
हिन्दू धर्म मे हर तिथि हर वार का अत्यधिक महत्व शास्त्रों मे बताया गया है. इसी प्रकार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर आने वाली शनि जयंती बड़े धूमधाम के साथ न्याय के देवता शनि महाराज का जन्म उत्सव मनाया जाता है. शनि जयंती के अगले दिन ही शनिदेव 17 मई को रेवती नक्षत्र में गोचर करने वाले हैं, जो ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. शनि का नक्षत्र परिवर्तन शनि जयंती के ठीक एक दिन बाद होने जा रहा है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शनि इस राशि में मीन राशि में हैं. वह 17 मई को उत्तरा भाद्रपद से निलकर रेवती नक्षत्र में दोपहर 2 बजकर 34 मिनट पर प्रवेश करेंगे.
उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, न्याय और कर्मफल के दाता शनि देव की चाल हमेशा खास मानी जाती है, क्योंकि उनका प्रभाव लंबे समय तक जीवन पर दिखाई देता है. अब शनि का रेवती नक्षत्र में प्रवेश होने जा रहा है. जो की चार राशि के लिए अशुभ परिणाम देखने को मिलेगा. इन राशि वालों को इस दौरान सोच-समझकर कदम उठाने और सतर्क रहने की जरूरत होगी. आइए जानते है वह राशि और किन उपायों से राहत मिलेगी.
चार राशियों को होगा नुकसान
मेष – इस राशि के जातकों के लिए शनि का नक्षत्र परिवर्तन चुनौतीपूर्ण संकेत दे रहा है. मन बेचैन रह सकता है और छोटी-छोटी बातों से तनाव बढ़ सकता है. घर में माहौल थोड़ा प्रभावित हो सकता है और काम में मन कम लगेगा. कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं. नौकरी करने वालों को विरोध या दबाव का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए धैर्य और समझदारी से हर फैसला लेना बेहतर रहेगा.
कर्क – शनि जयंती के अगले दिन यह परिवर्तन इस राशि के लोगों के लिए कुछ कठिन परिस्थितियां लेकर आ सकता है. आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं और रुके हुए काम मानसिक तनाव बढ़ा सकते हैं. नौकरी करने वालों को कार्यक्षेत्र में चुनौतियों और विरोध का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी, छोटी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है.
कुंभ – शनि का यह परिवर्तन इस राशि के लिए कुछ प्रतिकूल संकेत लेकर आ सकता है. जीवन में असंतुलन महसूस हो सकता है, विशेषकर मानसिक और भावनात्मक स्तर पर. जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसानदेह साबित हो सकते हैं. इस समय किसी भी नए काम की शुरुआत करने से पहले भली-भांति विचार करें और अनुभवी लोगों की सलाह लेना बेहतर रहेगा.
मीन – इस राशि के जातकों के लिए यह परिवर्तन चिंता बढ़ाने वाला साबित हो सकता है. स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां सामने आ सकती हैं और खर्चों में अचानक बढ़ोतरी होगी. व्यापार या निवेश से जुड़े फैसलों में विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है क्योंकि आर्थिक हानि की संभावना बन रही है. सोच-समझकर कदम उठाना ही इस समय सबसे बेहतर उपाय रहेगा.
जरूर करे यह उपाय
शनि देव के अशुभ परिणाम से बचने के लिए इन राशि के जातक को चाहिए कि, नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें. हनुमान जी की पूजा करने से शनि की बाधा दूर होती है. और शनिवार को शनि मंदिर जाकर भगवान को तेल चढ़ाएं. साथ ही गरीबों की सहायता करने के बाद उन्हें काले वस्त्रो का दान करे. जिससे नक्षत्र परिवर्तन से होने वाला दोष समाप्त हो सके.


