रहस्यमयी है श्रीकृष्ण का यह मंदिर! 1 ही बड़ी चट्टान से हुआ निर्माण, आसमान में होने वाली हल

रहस्यमयी है श्रीकृष्ण का यह मंदिर! 1 ही बड़ी चट्टान से हुआ निर्माण, आसमान में होने वाली हल

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अकेली चट्टान को तराशकर बना श्रीकृष्ण का अद्भुत मंदिर, आकाशीय घटनाओं से कनेक्शन

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Shree Sanwariya Seth Mandir: वैसे तो आपने भगवान कृष्ण के कई मंदिरों के दर्शन किए होंगे लेकिन चित्तौड़गढ़ में एक ऐसा मंदिर है, जो केवल अकेली बड़ी चट्टान को तराशकर बना है. इस मंदिर का कनेक्शन आकाशीय घटनाओं से भी है. साथ ही वैज्ञानिक और इतिहासकार इस मंदिर के निर्माण के पीछे छिपे प्राचीन खगोलीय ज्ञान को सराहते हैं. आइए जानते हैं भगवान कृष्ण के इस मंदिर के बारे में खास बातें…

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Shree Sanwariya Seth Mandir: देश-दुनिया में लीलाधर के कई अद्भुत मंदिर हैं, जिनकी कथा या बनावट हैरत में डाल देती है. ऐसा ही एक मंदिर राजस्थान के ऐतिहासिक शहर चित्तौड़गढ़ में है, जो अपनी अनोखी बनावट के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. यह मंदिर पूरी तरह से एक अकेली बड़ी चट्टान को काटकर बनाया गया है. इसे सांवलियाजी मंदिर कहा जाता है, जो भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर में दर्शन करने मात्र से सभी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं और हर कार्य में सफलता मिलती है. आज भी वैज्ञानिक और इतिहासकार इस मंदिर के निर्माण के पीछे छिपे प्राचीन खगोलीय ज्ञान को सराहते हैं.

विशाल एकल चट्टान से तराशा गया है मंदिर
यह मंदिर ना सिर्फ अपनी भव्य वास्तुकला के लिए जाना जाता है, बल्कि आकाशीय घटनाओं के साथ अपने गहरे संबंध के लिए भी चर्चा में रहता है. सांवलियाजी मंदिर एक विशाल एकल चट्टान से तराशा गया है, जिसकी ऊंचाई और बनावट देखकर हैरानी होती है. सदियों पुरानी इस इमारत में कारीगरों की अद्भुत कारीगरी दिखाई देती है. दीवारों पर बारीक नक्काशी, देवी-देवताओं की मूर्तियां और हिंदू पौराणिक कथाओं के दृश्य इस मंदिर को एक जीवंत कलाकृति बना देते हैं.

धार्मिक आस्था और खगोलीय ज्ञान का अद्भुत संगम
सांवलिया जी मंदिर भारत की प्राचीन वास्तुकला, धार्मिक आस्था और खगोलीय ज्ञान का अद्भुत संगम है. मंदिर के अंदर प्रवेश करते ही शांति का अनुभव होता है. रोशनी और परछाईं का खेल दीवारों पर अनोखे नजारे पैदा करता है. हर कोने में भगवान कृष्ण से जुड़ी कहानियां उकेरी गई हैं. मंदिर की दीवारों पर बनी मूर्तियां सिर्फ सजावट नहीं हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को जीवंत रखती हैं.

अंदर एक सुनहरी चमक
सांवलिया जी मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसका निर्माण इक्विनॉक्स (विषुव) और सॉल्सटिस (उत्तरायण-दक्षिणायन) की घटनाओं के साथ पूरी तरह से मेल खाता है. इन खास दिनों में सूर्य की किरणें मंदिर की नक्काशी से होकर गुजरती हैं और अंदर एक सुनहरी चमक पैदा करती हैं. यह दृश्य बेहद मनमोहक होता है. वैज्ञानिक और इतिहासकार इस मंदिर के निर्माण के पीछे छिपे प्राचीन खगोलीय ज्ञान को सराहते हैं.

आसपास का नजारा भी बेहद शानदार
सांवलिया जी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है बल्कि आध्यात्मिक शांति का केंद्र भी है. यहां का शांत वातावरण, खुशबू और घंटियों की आवाज भक्तों के मन को छू लेती है. कई श्रद्धालु यहां ध्यान और प्रार्थना के लिए आते हैं. मंदिर का परिसर भक्ति और शांति से भरा रहता है. चित्तौड़गढ़ घूमने वाले पर्यटक इस मंदिर को जरूर शामिल करते हैं. यहां गाइडेड टूर भी उपलब्ध हैं, जिनमें मंदिर की किंवदंतियों और ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया जाता है. आसपास की पहाड़ियां और प्राकृतिक वातावरण भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं.

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Parag SharmaChief Sub Editor

पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें



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