मेहनत के बाद भी नहीं मिल रहा प्रमोशन? इन 3 ग्रहों को करें खुश
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Astro Tips : देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, सम्मान, आर्थिक समृद्धि और पदोन्नति का कारक ग्रह माना जाता है. अगर कुंडली में कुछ प्रमुख ग्रह कमजोर हों तो नौकरी में बार-बार बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. मेहनत के साथ-साथ ग्रहों की अनुकूल स्थिति भी करियर की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. लोकल 18 से अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी बताते हैं कि सूर्य देव को ग्रहों का राजा और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक माना गया है. कुंडली में सूर्य कमजोर हो तो व्यक्ति की प्रतिभा होने के बावजूद उसे उचित पहचान और पद नहीं मिल पाता. हालांकि धार्मिक उपायों पर निर्भर रहने के बजाय व्यक्ति को अपनी मेहनत, ईमानदारी और कार्यकुशलता पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए.
अंबाला. बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में नौकरी पाना जितना मुश्किल हो गया है, उससे कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण उस नौकरी में लगातार आगे बढ़ना बन चुका है. कई कर्मचारी वर्षों तक पूरी ईमानदारी और मेहनत से काम करते हैं, लेकिन जब प्रमोशन या वेतन वृद्धि का समय आता है तो उन्हें निराशा हाथ लगती है. ऐसे में तनाव और भविष्य की चिंता भी बढ़ने लगती है. ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का मानना है कि मेहनत के साथ-साथ ग्रहों की अनुकूल स्थिति भी करियर की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. यदि कुंडली में कुछ प्रमुख ग्रह कमजोर हों तो व्यक्ति को नौकरी में बार-बार बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है.
लोकल 18 से अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित दीपलाल जयपुरी बताते हैं कि करियर में सफलता, पदोन्नति और आर्थिक उन्नति के लिए सूर्य, शनि और देवगुरु बृहस्पति का शुभ होना बेहद आवश्यक माना जाता है. इन ग्रहों को प्रसन्न करने के लिए शास्त्रों में बताए गए कुछ सरल उपाय अपनाकर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं. पंडित दीपलाल जयपुरी के अनुसार, सूर्य देव को ग्रहों का राजा और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक माना गया है. कुंडली में सूर्य कमजोर हो तो व्यक्ति की प्रतिभा होने के बावजूद उसे उचित पहचान और पद नहीं मिल पाता. ऐसे में रविवार की सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, रोली और लाल पुष्प डालकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करना शुभ माना गया है. आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने और गुड़ व गेहूं का दान करने से भी करियर में सकारात्मक बदलाव आने की मान्यता है.
शनि देव को कर्मफल का दाता कहा गया है. मान्यता है कि शनि की कृपा के बिना मेहनत का पूरा फल प्राप्त करना कठिन हो सकता है. नौकरी में लगातार रुकावटें आ रही हों या प्रमोशन अटक रहा हो तो शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर शनि देव की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए. शनि चालीसा का नियमित पाठ भी लाभकारी माना गया है. इससे कार्यक्षेत्र में स्थिरता और मेहनत का उचित फल मिलने की संभावना बढ़ती है.
पीले खाद्य पदार्थ का भोग लगाना
पंडित दीपलाल जयपुरी के मुताबिक, देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, सम्मान, आर्थिक समृद्धि और पदोन्नति का कारक ग्रह माना जाता है. गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण कर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए. पीले फल या पीले खाद्य पदार्थ का भोग लगाना शुभ है. जरूरतमंदों को पीली वस्तुओं का दान करने से भी बृहस्पति की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है, जिससे करियर में नए अवसर और सम्मान मिलने के योग बनते हैं. हालांकि ज्योतिषाचार्य यह भी स्पष्ट करते हैं कि केवल धार्मिक उपायों पर निर्भर रहने के बजाय व्यक्ति को अपनी मेहनत, ईमानदारी और कार्यकुशलता पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए. जब कर्म और आस्था दोनों का संतुलन बना रहता है, तभी सफलता के मार्ग अधिक मजबूत होते हैं. ऐसे में ज्योतिषीय उपाय आत्मविश्वास बढ़ाने और सकारात्मक सोच बनाए रखने का माध्यम भी बन सकते हैं.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें


